
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने देशभर में दिव्यांग क्रिकेटरों के कल्याण, विकास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए अपने सदस्य क्रिकेट संघों से उचित कदम उठाने की अपील की है। भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद (डीसीसीआई) ने बीसीसीआई की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्रिकेट को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने 26 अक्टूबर को सभी सदस्य संघों को पत्र लिखकर दिव्यांग क्रिकेटरों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, सहायता तथा अवसर उपलब्ध कराने के लिए सार्थक पहल करने का आग्रह किया।
यह पहल मुंबई में 18 सितंबर को आयोजित बीसीसीआई की 95वीं वार्षिक आम बैठक में हुई चर्चा के बाद सामने आई है। बैठक में दिव्यांग क्रिकेटरों के समर्थन और उनके विकास की आवश्यकता पर विचार किया गया था।
डीसीसीआई के सचिव रविकांत चौहान और संयुक्त सचिव अभय प्रताप सिंह ने इस पहल के लिए बीसीसीआई का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने, पहचान हासिल करने और क्रिकेट में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।
डीसीसीआई सचिव रविकांत चौहान ने कहा, “हम भारत में दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीआई के समर्थन और प्रोत्साहन के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं। यह पहल क्रिकेट को अधिक समावेशी बनाने और हमारे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर पहचान तथा अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के समर्थन से उभरती प्रतिभाओं को निखारने, खेलों में समान अवसरों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को गर्व के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने में मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीसीसीआई के साथ यह सहयोग दिव्यांग क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
डीसीसीआई के संयुक्त सचिव अभय प्रताप सिंह ने भी बीसीसीआई और उसके नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग क्रिकेटरों के कल्याण और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवश्यक प्रोत्साहन, सहायता और अवसर मिल सकेंगे।
अभय प्रताप सिंह ने कहा कि सदस्य संघों को भेजा गया बीसीसीआई का पत्र देश में दिव्यांग क्रिकेट को मजबूत करने की सकारात्मक प्रतिबद्धता दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे राज्य क्रिकेट संघ खिलाड़ियों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाने को प्रेरित होंगे, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें।
जमीनी स्तर पर अवसर बढ़ाने पर जोर
बीसीसीआई की इस अपील से देशभर में दिव्यांग क्रिकेटरों की भागीदारी बढ़ने और उनके लिए बेहतर खेल वातावरण तैयार होने की उम्मीद है। जमीनी स्तर और संस्थागत स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
डीसीसीआई ने उम्मीद जताई कि राज्य क्रिकेट संघ इस पहल को व्यावहारिक रूप देंगे। इसके तहत खिलाड़ियों के विकास, खेल सुविधाओं तक पहुंच, प्रोत्साहन और प्रतियोगिताओं में व्यापक भागीदारी पर निरंतर काम किया जा सकेगा।
यह पहल भारत में दिव्यांग क्रिकेट के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने और खेल को सभी के लिए अधिक सुलभ तथा समावेशी बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे