बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का आईपीओ कल होगा लॉन्च, 5 नवंबर को हो सकती है लिस्टिंग

युगवार्ता    28-Oct-2026
Total Views |
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। स्टील प्रोसेसिंग सेक्टर की कंपनी बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स लिमिटेड का 183.06 करोड़ रुपये का आईपीओ कल सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। यह कंपनी ऑरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स और ऑरिजनल डिजाइन मैन्युफैक्चरर्स के लिए स्टील कॉइल्स को वैल्यू-एडेड प्रोसेस्ड स्टील प्रोडक्ट्स में बदलने का काम करती है। इसके उत्पादों का उपयोग होम अप्लायंसेज, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट और फार्मास्युटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई उद्योगों में होता है। कंपनी के इस आईपीओ में निवेशक 2 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं।

इश्यू की क्लोजिंग के बाद 3 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 4 नवंबर को सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 5 नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 78 रुपये से लेकर 82 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 182 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम-से-कम एक लॉट यानी 182 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,924 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट में 2,366 शेयर के लिए 1,94,012 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2.23 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कोई बिकवाली नहीं की जा रही है।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए कम-से-कम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए स्मार्ट होराइजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 125 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के बोझ को पूरी तरह या आंशिक रूप से कम करने में किया जाएगा। इसके अलावा 15.77 करोड़ रुपये का उपयोग सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ मौजूदा लीज व्यवस्था के तहत कैपिटल इक्विपमेंट के अधिग्रहण की लागत की फंडिंग के लिए किया जाएगा। इसके बाद बची शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 21.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 28.67 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30.54 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 15.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 765.41 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,058.65 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 20 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 1,269.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 397.55 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 234.16 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 276.96 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 338.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का कर्ज घट कर 273.69 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 350.21 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 458.21 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 571.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 526.11 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 44.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 73.15 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 81.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़ कर 96.12 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 54.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 83.05 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 121.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 136.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 49.17 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 74.09 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 86.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 32.17 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Tags