मुस्लिम समुदाय की तरक्की सिर्फ़ तालिम से ही होगी: मो. शाहिद अख्तर

युगवार्ता    03-Oct-2026
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राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यक्रम


कोलकाता, 03 अक्टूबर (हि.स.)। अल्पसंख्यक समुदाय के विकास, आधुनिक शिक्षा और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कोलकाता के धनधान्य ऑडिटोरियम में दो दिवसीय माइनॉरिटी सिटीजन फोरम द्वारा प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस वैचारिक कार्यक्रम के समापन मौके पर शनिवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद शाहिद अख्तर और राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने अपने विचार रखे, जिसमें अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा के विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य अतिथि मोहम्मद शाहिद अख्तर ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तालीम से ही तरक्की हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा की दिशा ऐसी होनी चाहिए जो समाज को पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जैसी महान शख्सियत दे, न कि कसाब जैसा आतंकवादी।

राष्ट्रीय पहचान पर कड़ा संदेश देते हुए अख्तर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को खुद को केवल धार्मिक नजरिए से देखने के बजाय एक गर्वित भारतीय के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी पहचान केवल मुस्लिम तक सीमित रखते हैं, उन्हें अक्सर राष्ट्रगान में समस्या नजर आती है, वंदे मातरम कहने में दिक्कत होती है और उन्हें भारत में बुराइयां दिखने लगती हैं। लेकिन, जैसे ही कोई व्यक्ति खुद को पूर्ण रूप से भारतीय मानता है और देश की विविधता को स्वीकार करता है, तो पूरा देश उसे एक बड़े परिवार जैसा लगने लगता है। इसी सकारात्मक सोच के साथ मुस्लिम समाज राष्ट्र निर्माण में अपनी बड़ी भूमिका निभा सकता है।

मदरसों में अत्याधुनिक शिक्षा व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने मंच पर मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी से एक पूर्वी क्षेत्रीय कॉन्क्लेव आयोजित करने की मांग की। उन्होंने अनुरोध किया कि इस कॉन्क्लेव में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को आमंत्रित कर शिक्षा के विस्तार और सुधार पर गहन मंथन किया जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले पांच दशकों में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से मुस्लिम समुदाय केवल एक वोट बैंक बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दलों ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को डरा-धमका कर उन्हें देश और राज्य के खिलाफ काम करने के लिए उकसाया।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि वे देश के विकास के साथ-साथ अपने विकास में भी भागीदार बनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार बिना किसी भेदभाव के हर समुदाय के विकास के लिए तत्पर है और हमेशा इसमें मदद करेगी।

इस वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन माइनॉरिटी सिटीजन फोरम के राज्य संयोजक सुरमान अली मंडल द्वारा किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं, शिक्षकों और शिक्षाविदों के बीच समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों पर सार्थक संवाद स्थापित करना था।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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