मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर सजेगा सुरों, संस्कृति और विकास का महाकुंभ

युगवार्ता    30-Oct-2026
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मप्र संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के पूरे आयोजन को लेकर शुक्रवार पत्रकारों से बातचीत की


संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के पूरे आयोजन को लेकर शुक्रवार काे पत्रकाराें काे  बताया


- 1 से 3 नवंबर तक भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्योत्सव, मोनाली ठाकुर और मामे खान की प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण

भोपाल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में संस्कृति, परंपरा, प्रतिभा और विकास का भव्य संगम देखने को मिलेगा। लाल परेड ग्राउंड में एक से तीन नवंबर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राज्योत्सव में प्रदेश की सात दशक से अधिक की विकास यात्रा, समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, लोक एवं जनजातीय कलाओं और आधुनिक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक नवंबर को राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। समारोह में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर और राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गायक मामे खान की प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण होंगी। इस अवसर पर प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जबकि किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर दिए जाएंगे। ‘विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश’ की थीम पर आयोजित यह उत्सव मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को रेखांकित करेगा।

सुबह विकास प्रदर्शनियां, शाम को मुख्य समारोह

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे लाल परेड ग्राउंड में आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन करेंगे। शाम 6:30 बजे उनके मुख्य आतिथ्य में मुख्य सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ होगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन सुगम संगीत, लोक एवं जनजातीय प्रस्तुतियां, वाद्यवृंद, हस्तशिल्प, विकास प्रदर्शनियां और पारंपरिक व्यंजनों का मेला आयोजित किया जाएगा।

संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के पूरे आयोजन को लेकर शुक्रवार बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह समारोह मध्य प्रदेश की गौरवशाली विकास यात्रा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। राज्योत्सव में शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री 102 मेधावी विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा संचालित इस योजना में प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को एक लाख रुपये की सम्मान राशि मिलेगी।

उन्होंने पत्रकारों के बीच कहा कि जिलावार चयन में खंडवा जिले के सर्वाधिक छह विद्यार्थी शामिल हैं। अशोकनगर, बड़वानी, नर्मदापुरम, सिवनी, सिंगरौली और उमरिया से चार-चार विद्यार्थियों का चयन किया गया है। वहीं बुरहानपुर, छतरपुर, गुना, झाबुआ, कटनी, मऊगंज, सागर, सतना, श्योपुर और उज्जैन से तीन-तीन विद्यार्थी इस सम्मान के लिए चुने गए हैं। यह सम्मान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की पहल है।

165 किसानों को मिलेंगे ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर

राज्योत्सव के दौरान किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। वीर भारत न्यास और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेशभर के लगभग 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले 15,298 प्रतिभागियों की मेरिट सूची से लॉटरी के माध्यम से 55 जिलों के 165 विजेताओं का चयन किया गया। प्रत्येक जिले के तीन विजेताओं को क्रमशः ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर दिए जाएंगे। इस प्रकार कुल 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, भोपाल जिले के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं सम्मानित करेंगे, जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस पहल का उद्देश्य कृषि संबंधी ज्ञान बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के प्रति किसानों की जागरूकता को प्रोत्साहित करना है।

‘राजा भोज का भोपाल’ दिखाएगा ऐतिहासिक विरासत

राज्योत्सव की प्रदर्शनियों में महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की ओर से तैयार की गई ‘राजा भोज का भोपाल’ विषयक विशेष चित्र प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण रहेगी। इसमें वरिष्ठ चित्रकारों द्वारा तैयार किए गए 160 वाटर कलर चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। ये चित्र भोपाल क्षेत्र की प्राचीन विरासत, ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाएंगे। आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैविक इनपुट, स्मार्ट सिंचाई तकनीक और कृषि स्टार्टअप के नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे। महिला उद्यमिता मंडप और किसान बाजार में स्व-सहायता समूहों के उत्पाद तथा हस्तशिल्प बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं, संस्कृति मंत्री के अनुसार, ‘स्वाद-देशज व्यंजन मेला’ में मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकोशल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। यह मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक खुलेगा।

71 बच्चों का वंदे मातरम्, पुलिस बैंड और आतिशबाजी

एक नवंबर की मुख्य सांस्कृतिक संध्या में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यक्रम विशेष आकर्षण होंगे। ‘देशराग’ प्रस्तुति के अंतर्गत 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का गायन करेंगे। यह प्रस्तुति मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना वर्ष का प्रतीक होगी। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस का बैंड राष्ट्रगान प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम के अंत में भव्य आतिशबाजी की जाएगी।

उद्घाटन समारोह की सांगीतिक संध्या में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर तथा उनकी टीम प्रस्तुति देगी। ‘सवार लूं’ और ‘मोह मोह के धागे’ जैसे लोकप्रिय गीतों के लिए पहचानी जाने वाली मोनाली ठाकुर की गायिकी से समारोह में संगीत प्रेमियों को खास आकर्षण मिलेगा।

20 से अधिक लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति

राज्योत्सव के दूसरे दिन, दो नवंबर को शाम 6:30 बजे से लोक एवं जनजातीय संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी। मध्य प्रदेश के करमा-सैला, भगोरिया, बधाई, मटकी और काठी नृत्यों के साथ अन्य राज्यों के घूमर, भांगड़ा, पंथी और लेझिम सहित 20 से अधिक पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद ‘अनुगूँज : ब्रीदिंग फिएस्टा’ के अंतर्गत वाद्यवृंद संगीत की प्रस्तुति होगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से देश की विविध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाया जाएगा।

मामे खान की गायिकी से होगा समापन

संसकृति मंत्री लोधी ने कहा, राज्योत्सव की अंतिम संध्या तीन नवंबर को लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों के बाद राजस्थान के जैसलमेर के प्रसिद्ध लोक गायक मामे खान और उनके दल की प्रस्तुति होगी। अपनी ऊर्जावान गायिकी और राजस्थानी लोकधुनों के लिए प्रसिद्ध मामे खान की प्रस्तुति के साथ तीन दिवसीय आयोजन का समापन होगा।स्थापना दिवस समारोह के पूर्वरंग में प्रदेश की लोक और जनजातीय परंपराओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक गौरव यात्राएं भी आयोजित की जा रही हैं। इनमें 400 से अधिक लोक एवं जनजातीय कलाकार भाग ले रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्योत्सव की केंद्रीय थीम ‘विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश’ रखी गई है। इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय जड़ों को संरक्षित रखते हुए अधोसंरचना, कृषि, औद्योगिक निवेश, पर्यटन, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया जाएगा। किसानों के परिश्रम, युवाओं के नवाचार, महिलाओं की भागीदारी और लोक परंपराओं को विकसित मध्य प्रदेश की आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन मध्य प्रदेश की सात दशकों से अधिक की यात्रा का उत्सव मनाने के साथ समृद्ध भविष्य के निर्माण के संकल्प को भी अभिव्यक्त करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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