खटीमा के एकलव्य विद्यालय के विस्तार पर खर्च होंगे 10 करोड़ रुपये : जुएल ओराम

युगवार्ता    04-Oct-2026
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खटीमा में आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी, केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित अन्य मंचासीन अतिथि।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी कलाकारों के साथ नृत्य किया और ढोल बजाते।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते।


-आदि रंगोत्सव में दिखी जनजातीय संस्कृति की विविधता, धामी ने कलाकारों संग बजाया ढोल

खटीमा, 04 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के खटीमा में आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ रविवार को जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और कला के रंगों से सराबोर रहा। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के विकास के लिए करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम और किरेन रिजिजू की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित कर रंगोत्सव का शुभारंभ किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और लोकसंगीत के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की।

इस मौके पर किरेन रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और कार्यशैली की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा जनसेवक सदियों में मिलता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है। स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रिजिजू ने उत्तराखंड के साथ अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और मिजोरम सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों और कलाकारों का अभिनंदन किया।

उन्होंने जनजातीय समुदायों से अपनी सांस्कृतिक विरासत, पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने रविवार को खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के विस्तार और सुविधाओं के लिए करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

ओराम ने कहा कि खटीमा के एकलव्य विद्यालय में 240 बालकों और 240 बालिकाओं समेत कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी। उन्होंने विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की सराहना की और कहा कि बाजपुर, चकराता तथा देहरादून के कालसी क्षेत्र में भी एकलव्य विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना था।

उन्होंने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है। क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम का पौधा व महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने खटीमा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण एवं विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा पर जुएल ओराम का आभार जताया। साथ ही पिथौरागढ़ में भी एक आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया।

धामी ने कहा कि खटीमा विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का संगम है। राज्य सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कलाकारों के साथ थिरकने के साथ ढोल भी बजाया और उनका उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी पारंपरिक सांस्कृतिक रंग में नजर आए। उन्होंने कलाकारों के साथ नृत्य किया और ढोल भी बजाया। उन्होंने खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा निवासी टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों की उपलब्धि थारू समाज और उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आवास योजना के तहत ऊधमसिंह नगर जिले में तीन करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में करीब 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रथम चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवासों का निर्माण किया जा चुका है।

रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक कला की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की रंग-बिरंगी वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल और खजान दास समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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