
नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)।
लगातार दो बार आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीत चुकी भारतीय टीम घरेलू सत्र की शुरुआत दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से करेगी। सीरीज से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ काम करने के अनुभव और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ हुई बातचीत को लेकर अपनी बात रखी।
जियोस्टार के कार्यक्रम ‘फॉलो द ब्लूज: गौतम गंभीर अनफिल्टर्ड’ में गंभीर ने श्रेयस अय्यर की नेतृत्व क्षमता की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अय्यर की सबसे बड़ी खूबी उनकी निस्वार्थ भावना है।
गंभीर ने कहा, “श्रेयस के साथ मेरा पहला अनुभव तब हुआ जब मैं 2024 में केकेआर में गया था, जहां वह कप्तानी कर रहे थे। श्रेयस के बारे में मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि वह कई बार अपनी बल्लेबाजी की स्थिति छोड़ने के लिए तैयार रहते थे। वह इतने लचीले थे कि अगर कोई और खिलाड़ी उनसे ऊपर बल्लेबाजी करने जाता था तो भी उन्हें कोई समस्या नहीं थी। ऐसा बहुत कम होता है कि कोई कप्तान, जो शायद आपकी टीम का मुख्य बल्लेबाज भी हो, टीम के हित में अपनी बल्लेबाजी की स्थिति किसी और के लिए छोड़ दे, चाहे वह किसी और खिलाड़ी को प्रभाव पैदा करने का मौका देने के लिए हो या बाएं-दाएं बल्लेबाजी संयोजन के दृष्टिकोण से। तभी मुझे एहसास हुआ कि एक अच्छे नेता की सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण खूबी यह है कि आप कितने निस्वार्थ हैं।
उन्होंने आगे कहा, श्रेयस में यह खूबी है और कप्तान के रूप में अपने आगे के सफर में वह इसे एक बड़ी ताकत के रूप में लेकर चल सकते हैं। आप मेहनती हो सकते हैं, अनुशासित हो सकते हैं, फिट हो सकते हैं, दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज हो सकते हैं। लेकिन अगर आप निस्वार्थ नहीं हैं तो बाकी सभी चीजें बेकार हो जाती हैं। श्रेयस में ये सभी खूबियां हैं और इसके ऊपर उनमें वह निस्वार्थ भावना भी है।”
वैभव को अवसर के लिए करना होगा इंतजार
वैभव सूर्यवंशी को लेकर हुई बातचीत के बारे में गंभीर ने कहा कि युवा खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें अपने अवसर का इंतजार करना पड़ सकता है।
गंभीर ने कहा, “यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था। हां, वह शानदार फॉर्म में थे, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कभी-कभी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों की वजह से उन्हें अपने अवसर के लिए इंतजार करना होगा। और एक और बात है, सोशल मीडिया या बाहर का शोर प्लेइंग इलेवन तय नहीं करता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि ड्रेसिंग रूम में कौन, या कोच और कप्तान किसे लगता है कि वह हमें मैच जिता सकता है, या सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन क्या है, और कौन इतने लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।'
उन्होंने कहा, क्योंकि अगर वैभव आज खेलते हैं तो मेरे और उस खिलाड़ी के बीच एक मुश्किल बातचीत होगी जिसे हम बाहर रखते हैं, चाहे वह अभिषेक हों या संजू। इसलिए हम अचानक उस संयोजन को नजरअंदाज नहीं कर सकते जिसने पिछले डेढ़ या दो वर्षों में इतना प्रभाव पैदा किया है और तीन या चार असफलताओं के बाद उन्हें बाहर कर ऐसे युवा खिलाड़ी को मौका दे दें जो बेहद प्रतिभाशाली है और बहुत अच्छी फॉर्म में भी है। इसलिए कभी-कभी आपको अपने अवसर के लिए इंतजार करना होगा, क्योंकि हम उस ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा की भावना पैदा करना चाहते हैं।”
निरंतरता बनाए रखना जरूरी
गंभीर ने टीम में निरंतरता बनाए रखने और लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसले लेने के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए लोकप्रिय फैसले लेना बहुत आसान है, लेकिन शायद मेरे लिए सबसे मुश्किल काम सही फैसले लेना है। और हमने संजू और अभिषेक के साथ जारी रखने का सही फैसला लिया है। खेल के इतिहास में कोई भी टीम एक विश्व कप से दूसरे विश्व कप तक अपराजित नहीं रही है और फिर दोबारा विश्व कप नहीं जीता है। अचानक एक खराब सीरीज या यहां-वहां तीन खराब मैच उन्हें खराब खिलाड़ी नहीं बना देते और न ही हमें खराब टीम बना देते हैं। इसलिए हमारे लिए निरंतरता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण था।”
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को शाम 7 बजे से खेला जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे