नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। रेलवे ने 40 घंटे से अधिक की यात्रा अवधि वाली 11 लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई, शौचालय, कचरा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं की स्थिति पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। रेलवे बोर्ड ने कहा है कि इन ट्रेनों में शुरुआती स्टेशन से गंतव्य तक पूरे सफर के दौरान स्वच्छता और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
बोर्ड ने जोनल रेलवे को भेजे निर्देश में कहा है कि सफाई, शौचालय, कचरा प्रबंधन और कोच की छोटी-मोटी खराबियों से जुड़ी कमियों को यात्रा के दौरान ही दूर किया जाए। इन ट्रेनों की निगरानी संबंधित अनुरक्षण डिपो, कोचिंग डिपो अधिकारियों और मंडल रेल प्रबंधकों द्वारा की जाएगी।
विशेष निगरानी के लिए चिन्हित 11 ट्रेनों में 22503/04 विवेक एक्सप्रेस (डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी), 15909/10 अवध असम एक्सप्रेस (डिब्रूगढ़-लालगढ़), 01665/66 रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, 19483/84 अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस, 22365/66 दानापुर-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 11401/02 पुणे-सुपौल एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अलावा 15707/08 अमृतपाली एक्सप्रेस (कटिहार-अमृतसर), 11077/78 झेलम एक्सप्रेस (पुणे-जम्मू तवी), 13201/02 राजगीर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, 22831/32 हावड़ा-यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और 12203/04 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस को भी निगरानी के दायरे में रखा गया है। इन ट्रेनों की यात्रा अवधि 40 घंटे से अधिक है और इनमें विवेक एक्सप्रेस की यात्रा दूरी 4,158 किलोमीटर तथा निर्धारित टर्नअराउंड समय 170 घंटे है।
रेलवे ने मार्ग में चिन्हित स्वच्छ ट्रेन स्टेशनों पर पर्याप्त कर्मचारी, सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराने के साथ छोटी-मोटी मरम्मत की व्यवस्था करने को कहा है। जैव-शौचालयों की यात्रा के दौरान भी जांच की जाएगी और सभी कोचों में हर दो घंटे में कचरा एकत्र करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
स्वच्छता की निगरानी के लिए शुरुआती, मार्गवर्ती और गंतव्य स्टेशनों पर कोचों तथा शौचालयों की समय दर्ज वाली तस्वीरें लेने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ने कहा कि बार-बार आने वाली यात्री शिकायतों के मूल कारणों का विश्लेषण कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पूरी यात्रा के दौरान ट्रेनों को स्वच्छ और सेवा योग्य बनाए रखना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार