पुराने बयानों से उलट कांग्रेस अब डुप्लीकेट और मृतक मतदाताओं की जांच का क्यों कर रही विरोध : भाजपा

युगवार्ता    06-Oct-2026
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सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा सांसद


नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कांग्रेस पर मतदाता सूची, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेता पहले स्वयं डुप्लीकेट, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं की जांच की आवश्यकता बताते रहे हैं, लेकिन अब मतदाता सूची की जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस से पूछा कि यदि पहले डुप्लीकेट मतदाताओं पर सवाल उठाए गए थे, तो अब मतदाता सूची की जांच होते ही उन्हें बचाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, जिनमें अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल शामिल हैं, ने अलग-अलग अवसरों पर मतदाता सूची में डुप्लीकेशन की बात कही थी।

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस से पूछा कि वह 2016, 2018 और 2020-21 में सही थी या आज सही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह तब सच बोल रही थी या अब। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस जिन 13 करोड़ मतदाताओं का उल्लेख कर रही है, उनमें 2.8 करोड़ मृतक, लगभग एक करोड़ डुप्लीकेट और करोड़ों स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता शामिल बताए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानांतरित मतदाताओं को यह विकल्प दिया जा सकता है कि वे किस स्थान पर अपना नाम रखना चाहते हैं, लेकिन मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं को मताधिकार से जोड़ने का औचित्य कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राशन कार्ड और मनरेगा में मिले संदिग्ध लाभार्थियों का उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं में वास्तविक लाभार्थियों की पहचान के लिए जांच पहले भी होती रही है। उन्होंने दावा किया कि राशन कार्डों की जांच में 5.8 करोड़ ऐसे लाभार्थी पाए गए, जो अस्तित्व में नहीं थे। इसी प्रकार, 2019 के बाद मनरेगा में 4 करोड़ 45 लाख ऐसे लोग पाए गए, जो अस्तित्व में नहीं थे, लेकिन मजदूरी प्राप्त कर रहे थे।

उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि राशन कार्ड और मनरेगा में करोड़ों संदिग्ध लाभार्थी मिल सकते हैं, तो मतदाता सूची में मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच से उसे परेशानी क्यों है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस बिना जांच के अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं को मतदान का अधिकार देकर किसे लाभ पहुंचाना चाहती है।

डॉ. त्रिवेदी ने पूछा कि कांग्रेस ने अब तक कितनी संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं और उनमें से कितने आरोप साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सेना, वायुसेना, रक्षा संस्थानों, एलआईसी, एचएएल, एसबीआई, सेबी, न्यायपालिका, मीडिया और वैक्सीन सहित अनेक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विदेशों में भी भारत की चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की चुनावी व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की सराहना की गई है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 2003 से पहले ही कांग्रेस 228 लोकसभा सीटों वाले कई राज्यों से सत्ता से बाहर हो चुकी थी। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और ओडिशा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति उसकी अपनी राजनीति और नेतृत्व के कारण कमजोर हुई है, न कि मतदाता सूची के कारण।

उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि 2003 से पहले जिन राज्यों से वह सत्ता से बाहर हुई, उसके लिए कौन जिम्मेदार है। डॉ. त्रिवेदी ने राहुल गांधी से यह भी पूछा कि उन्होंने अब तक कितने विधानसभा चुनावों में लगातार एक सप्ताह, डेढ़ सप्ताह या दो सप्ताह तक किसी राज्य में रहकर प्रचार किया है।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि आज कई राज्यों में उपचुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसने इन चुनावों में मतदाता सूची की जांच कर ली है या नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी, चुनाव एजेंट और कार्यकर्ता चुनाव प्रक्रिया में शामिल हैं। यदि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी है, तो कांग्रेस को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल आपत्ति दर्ज करानी चाहिए, न कि बाद में राजनीतिक आरोप लगाने चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस से पांच सवाल पूछते हुए कहा कि कांग्रेस ने अब तक कितनी संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं और उनमें से कितने आरोप साबित हुए हैं? यदि मनरेगा में साढ़े चार करोड़ और राशन कार्ड में 5.8 करोड़ संदिग्ध लाभार्थी मिल सकते हैं, तो कांग्रेस को क्यों लगता है कि मतदाता सूची में संदिग्ध लोग नहीं मिल सकते?

सुधांशु ने पूछा कि 2003 से पहले जिन राज्यों से कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई, उसके लिए कौन जिम्मेदार है? राहुल गांधी ने अब तक कितने चुनावों में लगातार एक सप्ताह, डेढ़ सप्ताह या दो सप्ताह तक प्रचार किया है? क्या कांग्रेस ने उपचुनावों में मतदाता सूची की जांच कर ली है?

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले डुप्लीकेट और मृतक मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हटाने की आवश्यकता बताते थे, लेकिन अब जांच की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों को भी मतदाता सूची के मुद्दे पर विश्वास में नहीं ले पाई है और इसके बावजूद पूरे देश को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी पराजय के कारण अपने राजनीतिक आंकड़ों और संगठनात्मक स्थिति पर भी विचार करना चाहिए। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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