
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वर्तमान समय का अवतार बताया है। उन्होंने कहा है कि उनमें एक योग्य नेता के तीन गुण- ज्ञान, करुणा और साहस है और यह सब आत्म विमुक्त सेवाभाव से जुड़े हुए हैं।
तोबगे ने प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर एक निबंध एक्स पर साझा किया है। उन्होंने मोदी से अपनी एक मुलाकात और उस मुलाकात में अनायास ही उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ बताने का उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए प्रबुद्ध नेतृत्व- ज्ञान, करुणा और साहस का निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से प्रदर्शन है। आज मैं इन गुणों को प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण में सबसे स्पष्ट रूप से एक साथ देखता हूँ। ज्ञान की शुरुआत एक बेहतर भविष्य की स्पष्ट दृष्टि से होती है और उन्होंने भारत को वह दृष्टि दी है- स्वतंत्रता के ठीक एक शताब्दी बाद 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनना।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीयों में एक जबरदस्त आत्मविश्वास पैदा किया है। उन्होंने न केवल भारत को एक गंतव्य दिया है, बल्कि भारतीयों को उस दृष्टिकोण पर विश्वास करने और उसकी दिशा में काम करने के लिए प्रेरित भी किया है।
पड़ोसी देशों को साथ लेकर चलने के प्रधानमंत्री के स्वभाव की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने संबंधों में भारत के पड़ोसियों को उन्होंने सर्वोपरि रखा है। उन्होंने वैश्विक दक्षिण के हितों का समर्थन किया है, वैश्विक दक्षिण शिखर सम्मेलन का आयोजन किया है और अफ्रीकी संघ को जी20 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल कराने के सफल प्रयास का नेतृत्व किया है।
विकसित भारत को विकसित भूटान से जोड़ते हुए तोबगे ने कहा, “बी4बी: भूटान के लिए भारत; भारत के लिए भूटान। यह वाक्य सरल है, फिर भी गहरा अर्थ रखता है।” आज ‘बी4बी’ भूटान भर में दिखाई देता है - स्कूलों और अस्पतालों में, सड़कों और पुलों में, जलविद्युत और प्रौद्योगिकी में, कृषि और उद्यम में।
अपने निबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को बड़ा भाई कहकर भी संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि पांच साल पहले उन्होंने ‘अपने बड़े भाई’ से कहा था कि वे विष्णु का अवतार हैं। गहन विचार विमर्श के बाद आखिरकार वे इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि उन्होंने उस समय सही कहा था। उन्होंने कहा, “इतना ही नहीं, अब मुझे पता चल गया था कि वह कौन सा अवतार था। विष्णु का अंतिम अवतार—वह अवतार जो अव्यवस्था पर विजय पाने, धर्म की स्थापना करने और नवजीवन लाने से जुड़ा है- कल्कि।”
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा