
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। फ्रोजन झींगा और सूखी मिर्च का कारोबार करने वाली कंपनी ग्रीन एशिया इंपेक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने सपाट स्तर पर एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। निवेशकों को तब और झटका लगा, जब कंपनी के शेयर गिर कर लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 89 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 89 रुपये के स्तर पर ही हुई।
सपाट लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने की वजह से इस शेयर की चाल में गिरावट का रुख बन गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर लुढ़क कर 84.55 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 4.45 रुपये यानी पांच प्रतिशत का नुकसान हो गया।
कंपनी का 59.34 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.04 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 65 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन भी सिर्फ 55 प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 66,67,200 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 52 करोड़ रुपये के 58,94,400 नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि लगभग सात करोड़ रुपये के 7,72,800 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए सीफूड प्रोसेसिंग फैसिलिटी का सेटअप करने, मशीनरी की खरीदारी करने पुराने कर्ज को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्च की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
ग्रीन एशिया इंपेक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान कुल मिलाकर सुधार देखने को मिला है। कंपनी के शुद्ध लाभ में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 6.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 10.35 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ और बढ़ कर 15.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 318.15 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 339.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ और यह बढ़ कर 388.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में ग्रीन एशिया इंपेक्स की कुल संपत्ति 118.10 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 177.95 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति में और इजाफा हुआ और यह बढ़कर 254.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ की बात करें, तो इस मोर्चे पर भी पिछले तीन वित्त वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 63.73 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 74.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल कर्ज और बढ़ कर 99.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यानी इस अवधि में कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के विस्तार के साथ उसके कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस मोर्चे पर भी कंपनी ने लगातार मजबूती दर्ज की। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में ग्रीन एशिया इंपेक्स का रिजर्व और सरप्लस 10.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 20.89 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस और बढ़ कर 26.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में हालांकि उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 15.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 25.81 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ घट कर 24.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में रिजर्व और सरप्लस में बढ़ोतरी के बावजूद नेटवर्थ में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 17.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 20.74 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए और बढ़ कर 25.23 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक