
भुवनेश्वर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। ओडिशा में गुरुवार को प्रस्तावित राज्यव्यापी बंद को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को अपना रुख बदल दिया। पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने स्पष्ट किया कि बीजद बंद का समर्थन नहीं करेगा। इससे पहले उन्होंने कहा था कि पार्टी कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित बंद का समर्थन करेगी और इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में शामिल होगी।
बीजद ने करीब आधे घंटे के भीतर बंद को लेकर अपना रुख बदल दिया। दिन में नवीन निवास से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रमिला मल्लिक ने कहा था कि बीजद गुरुवार के बंद का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के आंदोलन का पहले ही समर्थन कर चुकी है।
हालांकि, कुछ ही देर बाद मीडिया से दोबारा बातचीत में मल्लिक ने पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बीजद बंद का समर्थन नहीं करेगा।
मल्लिक ने कहा, “हम कल के बंद का समर्थन नहीं करेंगे। जिन लोगों ने बंद का आह्वान किया, क्या उन्होंने हमसे पूछा था? हमने केवल एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर समर्थन दिया है।”
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने एसआईआर के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाने तथा संशोधित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम को वापस लेने की मांग को लेकर गुरुवार को ओडिशा बंद का आह्वान किया है।
बंद के समर्थन को लेकर बीजद के रुख पर दिनभर राजनीतिक हलकों में चर्चा थी। पार्टी की ओर से शुरुआती समर्थन के बयान के बाद उसके बंद में शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, मल्लिक के बाद के बयान से पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वह राज्यव्यापी बंद में शामिल नहीं होगी।
मल्लिक ने यह भी दोहराया कि बीजद किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं है और वह भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस, दोनों से समान दूरी की नीति पर कायम है। उन्होंने कहा, “बीजद किसी मोर्चे में नहीं है। हम समान दूरी की नीति में विश्वास करते हैं।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो