
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल 18 अक्टूबर को जापान के नागोया में होने वाले आइची-नागोया 2026 एशियाई पैरा खेलों के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। दोनों खिलाड़ी भारत के सबसे सफल पैरा खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनकी उपलब्धियों ने देश में पैरा खेलों को नई पहचान दिलाई है।
भारतीय पैरालंपिक समिति के अनुसार, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में छह पदक जीते हैं, जिसमें दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक शामिल हैं।
वहीं, पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने 2018 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में दो पदक जीते हैं। इनमें एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल है।
प्रमोद और भाविना ने मिलकर एशियाई पैरा खेलों में आठ पदक जीते हैं। अब दोनों 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें एशियाई पैरा खेलों में भारतीय दल के आगे तिरंगा लेकर चलेंगे।
भारतीय पैरालंपिक समिति 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में विशेष विदाई समारोह में भारतीय दल को औपचारिक रूप से रवाना करेगी। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया समारोह के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
प्रमोद भगत और भाविना पटेल का ध्वजवाहक चुना जाना विशेष महत्व रखता है। दोनों खिलाड़ी भारत में पैरा खेलों के विकास में अग्रणी रहे हैं और लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का गौरव बढ़ाते रहे हैं। भारतीय दल के नेतृत्व में उनकी मौजूदगी भागीदारी से प्रदर्शन और प्रतिनिधित्व से वैश्विक पैरा खेलों में पहचान हासिल करने तक भारत के सफर का प्रतीक मानी जा रही है।
भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा, “उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत और भाविना पटेल को भारतीय दल का नेतृत्व करते देखना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। दोनों असाधारण चैंपियन हैं, जिन्होंने भारतीय पैरा खेलों के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनका सफर, उपलब्धियां और दृढ़ता उन्हें भारतीय दल के लिए उपयुक्त प्रतिनिधि बनाती है और मुझे पूरा विश्वास है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत करने वाले हमारे खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे।”
भाविना पटेल ने कहा, “भारत की ध्वजवाहक चुना जाना मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है। जब आप तिरंगा लेकर चलते हैं तो आपको एहसास होता है कि आप अपने से कहीं बड़ी चीज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मैं प्रमोद के साथ उद्घाटन समारोह में प्रवेश करने और अपने दल का नेतृत्व करने को लेकर उत्साहित हूं। मैं चाहती हूं कि हमारे सभी खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करें, इस पल का आनंद लें और भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।”
आइची-नागोया 2026 एशियाई पैरा खेलों में पूरे महाद्वीप के पैरा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। भारत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी बढ़ती सफलता को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ प्रतियोगिता में उतरेगा।
18 अक्टूबर को उद्घाटन समारोह में जब भारतीय दल प्रवेश करेगा तो उसके आगे दो ऐसे चैंपियन होंगे, जो तिरंगा पहनने, भारत के लिए प्रतिस्पर्धा करने और करोड़ों लोगों को प्रेरित करने का अर्थ बखूबी जानते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे