
कोलकाता, 07 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल में एक बार फिर छह महीने का विस्तार किया गया है। उनकी सेवानिवृत्ति 31 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही केंद्र सरकार ने नबान्न (राज्य सचिवालय) को पत्र भेजकर इस सेवा विस्तार की आधिकारिक जानकारी दी ।
वर्ष 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धनाथ गुप्ता को चुनाव आयोग ने हालिया चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद पीयूष पांडे को हटाकर राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया था। उनका कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन चुनावी व्यस्तताओं के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें पहली बार छह महीने का सेवा विस्तार दिया । अब इस दूसरे विस्तार के बाद वह अगले साल अप्रैल तक राज्य पुलिस प्रमुख के पद पर अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) की अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि 'जनहित' को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के प्रावधानों के तहत इस सेवा विस्तार को मंजूरी दी गई है।
गौरतलब है कि गुप्ता के रिटायरमेंट की तारीख नजदीक आने के साथ ही राज्य के नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। तय प्रक्रिया के तहत केंद्र ने राज्य सरकार से संभावित नामों की सूची मांगी थी, जिसके आधार पर नबान्न ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम दिल्ली भेजे थे। हालांकि, केंद्र ने फिलहाल शीर्ष पुलिस पद पर सिद्धनाथ गुप्ता को ही बरकरार रखने का अंतिम फैसला किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर