मुंबई, 08 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट से जुड़े रिश्वत मामले में डायरेक्टोरेट जनरल आफ सिविल एविएशन (डीजीसीए)के डिप्टी डायरेक्टर (एयरवर्दीनेस) सुशील कुमार गर्ग और ‘एकवी एयर ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक एसके भाने को गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम इस मामले में मुंबई, सलेम और चेन्नई में तलाशी लेने की तैयारी कर रही है। इस मामले की गहन छानबीन सीबीआई की टीम कर रही है।
इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि गर्ग ने एयरक्राफ्ट की सुरक्षा संबंधी कमियों को नजरअंदाज कर अनुकूल एयरवर्दीनेस ऑडिट रिपोर्ट देने के बदले कंपनी से रिश्वत मांगी थी। गर्ग ने 31 जुलाई को कंपनी के एयरक्राफ्ट का एयरवर्दीनेस ऑडिट किया था। गर्ग ने ऑडिट के दौरान फ्लीट में मिली कमियों को नजरअंदाज कर अच्छी रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद 2 अक्टूबर को हुई बातचीत के दौरान कथित तौर पर प्रत्येक ऑडिट ट्रांजेक्शन के लिए 50 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। इसके तहत सीबीआई ने जाल बिछाकर गर्ग ने रिश्वत के तौर पर 2.5 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सीबीआई की टीम आज इन दोनों के ठिकानों पर तलाशी ले रही है।
अधिकारी ने बताया कि ‘एकवी एयर ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन’ महाराष्ट्र के कल्याण की कंपनी है, जो सलेम एयरपोर्ट स्थित अपने ट्रेनिंग बेस से सात एयरक्राफ्ट संचालित करती है। डीजीसीए नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा, एयरवर्दीनेस और एयर ट्रांसपोर्ट मानकों की नियामक संस्था है। एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि कोई विमान अपने स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप है और उड़ान के लिए सुरक्षित है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव