सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, लोअर सर्किट के बाद भी बंपर मुनाफे में आईपीओ निवेशक

युगवार्ता    08-Oct-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑडियो-विजुअल और होम ऑटोमेशन सॉल्यूशन के काम से जुड़ी कंपनी सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने धमाकेदार एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 55 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 89.82 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 104.40 रुपये के स्तर पर हुई।

जोरदार लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसके कारण कंपनी के शेयर कुछ देर में ही 99.18 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। लोअर सर्किट लगने के बावजूद पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 44.18 रुपये यानी 80.33 प्रतिशत का फायदा हो गया। कंपनी के आईपीओ में लॉट साइज 2,000 शेयर का था। मतलब लोअर सर्किट लगने के बाद भी कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति लॉट कम से कम 88,360 रुपये का फायदा हो गया।

सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स का 21.78 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.14 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.28 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन दो गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 39,60,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी 12 नए शोरुम खोल कर अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 19.84 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 21.28 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 22.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2.87 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 6.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 12.30 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 24.83 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 30.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2.74 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस कम होकर 5.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 11.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 3.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 4 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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