
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। आईटी सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी एवरेस्ट आईएमएस टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 85 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 48.24 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 126 रुपये के स्तर पर हुई।
धमाकेदार लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 126.97 रुपये के स्तर तक पहुंचा। इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसके कारण थोड़ी देर बाद ही ये शेयर लुढ़क कर 119.70 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गया। हालांकि कुछ देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इसका लोअर सर्किट ब्रेक हो गया। दिन के दूसरे सत्र में बिकवाली का दबाव बनने पर इस शेयर पर एक बार फिर 119.70 के स्तर पर लोअर सर्किट लग गया। अंत में इसी स्तर पर इस शेयर ने आज के कारोबार का अंत किया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में लोअर सर्किट लेवल पर बंद होने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 34.70 रुपये यानी 40.82 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 48.46 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 294.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 148.63 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 548.61 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 268.29 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 57,00,800 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 39 करोड़ रुपये के 45,93,600 नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि लगभग 9 करोड़ रुपये के 11,07,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी एआई इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस लेबोरेट्री सेटअप करने के लिए हार्डवेयर की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
एवरेस्ट आईएमएस टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 10.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 14.087 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 13.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 45.62 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 57.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 65.91 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पूरी तरह से कर्जमुक्त रही।
अगर नेटवर्थ की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 32.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 47.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 60.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर सांकेतिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 30.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 30.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 43.54 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 17.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 22.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 23.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक