
- 51 शक्तिपीठों पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए भैयाजी जोशी
भोपाल, 09 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी ने कहा कि भारत की भूमि देवभूमि, पुण्यभूमि और तपस्वियों की साधना भूमि है। यहां ऋषि-मुनियों ने साधना और चिंतन के माध्यम से मानवता को मार्गदर्शन प्रदान किया है। भारत की पहचान यहां के तीर्थस्थलों, मंदिरों, मठों, धार्मिक यात्राओं, मेलों और साधु-संतों की परंपरा से है। यह भूमि महापुरुषों, चिंतकों और महान विचारकों की कर्मभूमि रही है। भारत का चिंतन शाश्वत है और समस्त मानवता के कल्याण की भावना से प्रेरित है।
पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी शुक्रवार को उज्जैन के श्री बालमुकुंद आश्रम (झालरिया मठ) में 51 शक्तिपीठों पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शक्ति धाम न्यास, संस्कृति विभाग तथा कालिदास संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम में भैयाजी जोशी बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि 51 शक्तिपीठ शक्तिधाम प्रकल्प को साकार करने के संकल्प के साथ सभी यहां से जाएंगे। यह हम सभी का सौभाग्य है कि भारत में हो रहे महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों के साक्षी बन रहे है।
भैजाजी जोशी ने कहा कि विश्व में भारत की प्रासंगिकता कभी समाप्त नही हो सकती। देश को ऐसा समाज बनाना होगा, जो दुर्बल नहीं, बल्कि शक्ति-संपन्न हो और विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम हो। महान ऋषि-मुनियों के योगदान तथा समग्र दृष्टिकोण पर आधारित भारतीय शास्त्र परंपरा ने भारत को विश्व में विशिष्ट स्थान प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष सम्मान प्राप्त है। देवी शक्ति के प्रति करोड़ों लोगों की श्रद्धा और आस्था भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। शक्ति की उपासना समाज को सामर्थ्य संरक्षण और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। 51 शक्तिपीठों पर आधारित शक्तिधाम प्रकल्प इसी आध्यात्मिक चेतना को व्यापक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम को मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संत समाज के अध्यक्ष संत रितेश दास महाराज, सिंहस्थ केंद्रीय समिति के पूर्व अध्यक्ष मखन सिंह चौहान, महापौर मुकेश टटवाल, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर मंचासीन रहे।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह, शक्तिधाम न्यास के अध्यक्ष प्रशांत हरतालकर, विभाष उपाध्याय, सुरेश गिरी, नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सोनू गेहलोत, कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी, रघुवीर सिंह, केतन भाई, दिनेश गौतम, आदित्य अग्रवाल, प्रशांत त्रिपाठी और अरुण व्यास सहित गणमान्य नागरिक, वैदिक बटुक तथा आमंत्रित वक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपक उपाध्याय ने किया तथा आभार प्रदर्शन राधेश्याम गुरुजी ने किया। कार्यक्रम के अंत में विश्व कल्याण की कामना के साथ सामूहिक शक्तिपाठ किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर