यूपीआई पेमेंट का बना नया रिकॉर्ड, अक्टूबर में रोज हुआ एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन

युगवार्ता    01-Nov-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। भारत में डिजिटल पेमेंट की लोकप्रियता लगातार नए आसमान छू रही है। इसी कड़ी में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई ने अक्टूबर के महीने में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। देश में पहली बार किसी एक महीने के भीतर यूपीआई के जरिए होने वाले रोजाना के लेन-देन का औसत मूल्य एक लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया है। मतलब अक्टूबर के महीन में हर दिन एक लाख करोड़ रुपये अधिक का डिजिटल पेमेंट किया गया। ये जानकारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों में दी गई है।

इन आंकड़ों के अनुसार, त्योहार के इस सीजन में लोगों ने जम कर डिजिटल खरीदारी की, जिसके दम पर पूरे अक्टूबर महीने में कुल 31.53 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन दर्ज किया गया। भारत में डिजिटल पेमेंट के इतिहास में ये भी पहला मौका है, जब किसी एक महीने का कुल लेन-देन 30 लाख करोड़ रुपये की सीमा के पार निकल गया है।

अगर पिछले रिकॉर्ड्स से इसकी तुलना करें तो इससे पहले सितंबर के महीने में रोजाना होने वाले लेन-देन का औसत मूल्य लगभग 98,000 करोड़ रुपये के आसपास दर्ज किया गया था। वहीं, पूरे महीने के कुल टर्नओवर का पिछला सर्वोच्च रिकॉर्ड इसी साल मई के महीने में बना था, जब देशभर में यूपीआई के माध्यम से करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये का आदान-प्रदान हुआ था।

बताया जा रहा है कि अक्टूबर महीने में इस शानदार बढ़त को न केवल त्योहारी सीजन में बढ़ी कंज्यूमर पर्चेंजिंग (उपभोक्ता खरीदारी) से सहारा मिला बल्कि इस महीने में 31 दिन होने का भी सांख्यिकीय फायदा भी मिला। अमूमन बड़े महीनों (31 दिन वाले महीने) में ट्रांजैक्शन की कुल संख्या में इजाफा देखा जाता है। वर्तमान में देश के कुल डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में अकेले यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 89 प्रतिशत के बेहद मजबूत स्तर पर बनी हुई है।

लेन-देन की कुल संख्या के मोर्चे पर भी अक्टूबर के महीने का रिकॉर्ड शानदार बना रहा। इस दौरान पूरे महीने में कुल 2,547 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। मतलब ये कि देशवासियों ने हर दिन औसतन करीब 82.1 करोड़ बार यूपीआई के जरिए भुगतान किया। इससे पहले प्रतिदिन के औसत ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सितंबर महीने में बना था, जब यह संख्या 80.2 करोड़ प्रतिदिन के स्तर पर थी, जबकि कुल मासिक ट्रांजैक्शन का पिछला रिकॉर्ड अगस्त के महीने में करीब 2,450 करोड़ लेनदेन के साथ दर्ज किया गया था।

यूपीआई भुगतान का यह नया कीर्तिमान ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर शुल्क) को लागू करने की गंभीर प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं। एनपीसीआई ने हाल ही में मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने के अपने इस बड़े फैसले को दिवाली के त्योहार के बाद तक के लिए स्थगित कर दिया था।

गौरतलब है कि शुरुआती योजना के तहत 2,000 रुपये से अधिक के व्यावसायिक लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत की दर से एमडीआर शुल्क तय किया गया है, जिसके लागू होने के बाद हर 10,000 रुपये के मर्चेंट पेमेंट पर दुकानदारों को करीब 40 रुपये का शुल्क देना पड़ सकता है। इस व्यवस्था से बैंकों और डिजिटल भुगतान कंपनियों को सालाना करीब 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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