
उत्तरकाशी, 2 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेक पर लापता आठ ट्रेकर्स और गाइड का सोमवार को भी कोई पता नहीं चल पाया है। तलाशी अभियान के दौरान करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर केदारखरक के समीप एक टेंट और बैग सहित कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीमों ने हेलीकॉप्टर से हवाई रेकी भी की, लेकिन लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। ऊंचाई वाले क्षेत्र में बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण अभियान भी प्रभावित हुआ है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, गंगोत्री से एक दल 30 अक्टूबर को केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। ट्रेकिंग एजेंसी के संचालक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दल के आठ सदस्य करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई तक पहुंचे थे। इसके बाद से उनका संपर्क नहीं हो पाया। सोमवार सुबह 8:32 बजे से 10:56 बजे तक निम और एसडीआरएफ की टीमों ने पांच चरणों में केदारताल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान हेलीकॉप्टर से भी हवाई रेकी की गई, लेकिन लापता ट्रेकर्स और गाइड का पता नहीं चल सका।
इससे पहले एक नवंबर को वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी के नौ सदस्यों की एक टीम केदारताल के लिए रवाना हुई थी। टीम ने भोजखरक में रात बिताई। सोमवार सुबह नौ बजे भोजखरक से केदारखरक पहुंचने के बाद दोपहर दो बजे तक लापता लोगों की तलाश की गई। इस दौरान एक टेंट और बैग मिला, लेकिन ट्रैकर्स का कोई सुराग नहीं लगा। मौसम खराब होने के कारण टीम भोजखरक स्थित बेस कैंप लौट आई।
एसडीआरएफ के अनुसार, सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर एडवांस टीम दुर्गम क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही है। घटनास्थल पर तैनात टीम प्रभारी ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से सूचना दी कि क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है। अत्यधिक ऊंचाई और प्रतिकूल मौसम के कारण सर्च अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं। मौसम की स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए टीम ने मौके पर सुरक्षित शिविर स्थापित कर लिया है। जवानों ने वहीं रात्रि विश्राम करने का निर्णय लिया है। मौसम और परिस्थितियां अनुकूल होने पर दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा। टीम प्रभारी ने सैटेलाइट फोन के जरिए सूचना दी कि क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है।
इसी बीच गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के रेंज अधिकारी के अनुसार, तपोवन ट्रेक पर गया एक अन्य दल सुरक्षित है और गौमुख से वापस लौट रहा है। सोमवार को वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी के सात सदस्यों की टीम तपोवन के लिए रवाना हुई, जो भोजवासा पहुंच चुकी है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग, ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग और बड़कोट-नौगांव-विकासनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के सभी प्रमुख मार्ग यातायात के लिए सुचारु हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय