जब आपने कराया तो सही, अब हम करा रहे हैं तो गलत कैसे?, संबित पात्रा ने कांग्रेस से पूछा सवाल

युगवार्ता    02-Nov-2026
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पत्रकारों से वार्ता करते हुए डॉ संबित पात्रा


वाराणसी, 02 नवम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस के वोट चोरी के दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय से ही एसआईआर प्रक्रिया को संपन्न कराया जाता रहा है लेकिन जब हम मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया के तहत ऐसा करते हैं, तो वह गलत हो जाती है।

वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने कहा कि यह 12वां एसआईआर है। समय-समय पर किनका नाम कटना चाहिए किनका नाम जुड़ना चाहिए यह प्रक्रिया होती है। कांग्रेस के समय में 10 एसआईआर हुए, 2 एसआईआर हमारी सरकार के समय में हुआ। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस प्रक्रिया को पूरी तरह से वैध ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय में दायर चुनाव आयोग के हलफनामे से यह स्पष्ट हो चुका है कि एसआईआर का निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण सर्वसम्मति से लिया गया था।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर डॉ. पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जिन 20 विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, वहां अधिकांश पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा केवल पांच सीटें जीत सकी। उनके मुताबिक, ये आंकड़े एसआईआर की प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को गलत साबित करते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास 20 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट होने के बावजूद वे मतदाता सूची के सत्यापन में अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर सके।

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताए जाने संबंधी बयान पर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को पदभार संभाला था। इससे पहले ही कांग्रेस वर्ष 2014 से 2025 के बीच कई राज्यों के विधानसभा चुनाव हारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

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