चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का बंगाल पर विशेष असर नहीं, आंध्र और ओडिशा में अलर्ट

युगवार्ता    02-Nov-2026
Total Views |
चक्रवात मुरासु से मौसम का हलचल


- आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान, एनडीआरएफ की तीन टीमें तैनात,21 उड़ानें रद्द

कोलकाता, 02 नवंबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ लगातार शक्तिशाली होता जा रहा है। हालांकि, इसका पश्चिम बंगाल पर कोई विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित राज्यों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि तूफान के सोमवार देर रात या मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है।इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में बादल जरूर छाए रह सकते हैं, लेकिन कोलकाता और आसपास के इलाकों के लिए फिलहाल बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, चक्रवात के आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और नरसापुरम के बीच तट से टकराने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। तट से टकराने से पहले इसके और शक्तिशाली होने का अनुमान है। इसके कारण तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश प्रशासन ने तटीय जिलों में विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चौथी बटालियन की तीन टीमों को तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश भेजा गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने दमकल और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं।

चक्रवात के प्रभाव से सोमवार दोपहर से ही आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश शुरू हो गई है। खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। चेन्नई से 11 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि विजयवाड़ा से भी 10 उड़ानों का परिचालन रद्द किया गया है। वहीं, विशाखापत्तनम में इंडिगो की विमान सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए चेन्नई और तिरुवल्लूर में स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

चक्रवात ‘मुरासु’ का असर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पुरी में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। समुद्र में खराब मौसम और ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए मछुआरों को चार नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग और संबंधित राज्यों के प्रशासन चक्रवात की दिशा, गति और तीव्रता पर लगातार नजर रख रहे हैं। तट से टकराने के बाद मौसम की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और संभावित नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

Tags