केदारताल हिमस्खलन हादसा : लापता 8 ट्रैकर्स में से 4 के शव बरामद, दो की पहचान, कल फिर चलेगा तलाशी अभियान

युगवार्ता    04-Nov-2026
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उत्तरकाशी, 04 नवंबर (हि.स.)। उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ सदस्यीय दल के चार सदस्यों के शव बरामद किए गए। इनमें दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव हैं। दो महिला मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी सगी बहनों के रूप में हुई है, जबकि दो पुरुषों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी पर्यटकों के रूप में बताई गई है। हालांकि, उनकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि परिजनों के पहुंचने के बाद होगी। मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण बचाव अभियान रोक दिया गया। शेष लापता लोगों की तलाश के लिए गुरुवार को फिर अभियान चलाया जाएगा।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की संयुक्त टीम ने संभावित लापता स्थल पर फिर से तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान हिमस्खलन में दबे एक महिला और एक पुरुष के शव मिले। काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बर्फ से बाहर निकाला गया। हेलीकॉप्टर से दोपहर तक शवों को केदारताल से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। बाद में सभी चार शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

मृतक महिलाओं की पहचान लखनऊ के गायत्रीपुरम, खुशीनगर निवासी सगी बहनों दीपिका वर्मा (29) और वर्तिका वर्मा (28) के रूप में हुई है। दोनों नारायण वर्मा की पुत्रियां थीं। वहीं, अन्य दो शवों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी रिंटू मंडल और उदय घोष के रूप में बताई गई है। जिला प्रशासन के अनुसार इन दोनों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि परिजनों के पहुंचने के बाद होगी।

अधिकारियों के अनुसार 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और पांच सहयोगी कर्मचारियों सहित कुल 12 सदस्य गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे। इनमें से तीन पोर्टर और एक रसोइये सहित चार लोगों को शनिवार तक सुरक्षित बचा लिया गया था। इसके बाद भारी बर्फबारी और हिमस्खलन की चपेट में आने से सात ट्रेकर्स और एक गाइड समेत आठ लोग लापता हो गए थे।

मंगलवार को संयुक्त बचाव दल ने एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद किए थे। बुधवार को दो और शव मिलने के बाद हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

गुसाईं ने बताया कि बुधवार दोपहर तीन बजे के बाद मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण बचाव अभियान रोक दिया गया। बचाव दल वापस आधार शिविर लौट आया है। शेष लापता लोगों की तलाश के लिए गुरुवार को फिर अभियान चलाया जाएगा। बचाव दलों के लिए खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान भी भेजा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल

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