केन्द्रीय मंत्री ने सेमीकॉन इंडिया 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया

युगवार्ता    06-Nov-2026
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दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम का दृष्य


नई दिल्ली, 06 नवंबर (हि.स.)। सेमीकॉन इंडिया 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल शुक्रवार को लॉन्च किया गया और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत स्वीकृत 12 आवेदकों की सूची जारी की गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि देश तैयार उत्पादों से मॉड्यूल, कंपोनेंट्स और फिर कच्चे माल के निर्माण तक चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।

सेमीकॉन इंडिया 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल के संबंध में वैष्णव ने कहा कि सरकार सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दूसरे, तीसरे और चौथे स्तंभ के तहत आवेदन स्वीकार करना शुरू करेगी। यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमी कंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है। उन्होंने बताया कि आज की मंजूरियों के बाद देशभर में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण से जुड़ी कुल 118 इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इनमें से कई इकाइयां घरेलू मांग पूरी करने के साथ निर्यात को भी बढ़ावा देने में सक्षम होंगी।

उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल फोन निर्माण की शुरुआत को कभी विपक्ष ने ‘पेंच-ड्राइवर तकनीक’ कहकर खारिज किया था। लेकिन अब देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के लिए जरूरी घटकों के साथ उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मशीनों का भी उत्पादन हो रहा है।

वैष्णव ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग वर्तमान में करीब 25 लाख लोगों को रोजगार दे रहा है। बैटरी सेल, एनोड और कैथोड सामग्री जैसे महत्वपूर्ण घटकों के लिए पहले भारत काफी हद तक एक विदेशी देश पर निर्भर था। अब इनके घरेलू उत्पादन से आयात पर निर्भरता कम हो रही है। एनोड-कैथोड सामग्री, कॉपर फॉइल, लचीले और 20-परत वाले पीसीबी, ऑप्टिकल ट्रांससीवर, रिले और कैपेसिटर जैसे उत्पादों का निर्माण भी भारत में हो रहा है।

इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सेमीकॉन इंडिया 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर उपकरण और सामग्री सहित तीन प्रमुख क्षेत्रों में आवेदन आमंत्रित करने के लिए वेब पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस योजना को 1.27 लाख करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ शुरू किया गया है। इसके तहत छह स्तंभ निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि आज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत 12 नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इनमें से 7,503 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इनका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के शुरुआती चरणों में घरेलू क्षमता विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि अब तक कुल 77,051 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी जा चुकी है। उत्पादन का लक्ष्य 4.56 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5.73 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, रोजगार का लक्ष्य 91,600 है, जिसके मुकाबले अब तक 81,755 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। ईसीएमएस के तहत 16 राज्यों में 34 उत्पादों से संबंधित 118 आवेदनों को भी मंजूरी दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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