
-तीन साल में न्याय और 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य : अमित शाह
देहरादून, 06 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान (प्रेसिडेंट्स कलर) प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर में आरोपितों को तीन साल के भीतर सजा दिलाने और वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का सरकार का संकल्प है। उन्होंने राज्य गठन के बाद से अब तक बलिदान देने वाले 206 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। कार्यक्रम में पुलिस परेड का आयोजन किया गया और उत्तराखंड पुलिस पत्रिका का विमोचन भी हुआ।
परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह के बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों के भीतर यह सम्मान हासिल करना प्रदेश पुलिस के लिए गौरव का विषय है। उत्तराखंड पुलिस देश का 16वां पुलिस बल है, जिसे यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
शाह ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने अपने आदर्श वाक्य 'कर्मण्यता, सत्यनिष्ठा और शौर्यम' को जीवन का आधार बनाकर सेवा, अनुशासन और समर्पण की मिसाल पेश की है। राज्य गठन के बाद उत्तराखंड पुलिस की यात्रा 13 हजार जवानों से बढ़कर 26 हजार जवानों तक पहुंची है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, भूस्खलन, जंगल की आग और दुर्गम क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। केदारनाथ आपदा, सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के अभियान और धराली, स्यानाचट्टी और मालदेवता जैसी आपदाओं में पुलिस के जवानों ने साहस और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुरू किए गए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में उत्तराखंड पुलिस भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कम से कम 50 गांवों में पलायन के स्थान पर दोबारा आबादी बसने लगी है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक प्रयास किए हैं। फॉरेंसिक विज्ञान, कंप्यूटरीकरण, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस के माध्यम से पुलिस, जेल, अदालत, अभियोजन, फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं और अस्पतालों को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से जोड़ने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने कहा कि सीसीटीएनएस के तहत ई-रिकॉर्ड तैयार करने में उत्तराखंड ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
अमित शाह ने कहा कि देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है। उन्होंने 31 मार्च 2026 को संसद में देश को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सुरक्षा बलों के सामने नशे के खिलाफ लड़ाई बड़ी चुनौती है। सरकार ने 31 मार्च 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण करने वाली देश की पहली पुलिस बनने का सम्मान भी उत्तराखंड पुलिस को मिला है। वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में 37 पदक हासिल कर पुलिस कर्मियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने गुजरात के गांधीनगर में होने वाले अगले वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में उत्तराखंड पुलिस से बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा जताई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और निवेश की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। पर्यटन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने में सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस का दायित्व और बढ़ जाता है। शाह ने कहा कि राष्ट्रपति निशान मिलने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और वह नई ऊर्जा के साथ जनता की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और न्याय सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के लोगों को सुख, शांति और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल