तेहरान, 07 नवंबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। ईरान ने अपनी मिसाइलों की मारक दूरी पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी हैं। यह दावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने शनिवार को किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं को अभी व्यावहारिक रूप से साबित करना बाकी है।
स्थानीय मीडिया से बातचीत में मोहेब्बी ने कहा, “मिसाइलों की उड़ान दूरी को लेकर लगी पाबंदियां अब हमारे लिए हटा दी गई हैं, लेकिन हमें अपनी इन क्षमताओं का व्यावहारिक प्रदर्शन करना होगा।”
ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उसके नेताओं की ओर से अमेरिका और यूरोप में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी जा रही है। सोमवार को ईरानी सांसद मनूचेहर मुत्तकी ने कहा था कि यदि इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ दोबारा आक्रामक कार्रवाई होती है, तो ईरान यूरोप में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है। इससे पहले 31 अक्टूबर को ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सेना को किसी भी खतरे का प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि जवाबी कार्रवाई के लिए भौगोलिक सीमाएं बाधा नहीं बननी चाहिए।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फरवरी में कहा था कि तेहरान ने जानबूझकर अपनी मिसाइलों की मारक दूरी 2,000 किलोमीटर तक सीमित रखी है। उनके मुताबिक, इन मिसाइलों का विकास रक्षात्मक उद्देश्यों और दुश्मन को हमले से रोकने के लिए किया गया है तथा इनसे वैश्विक खतरा नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय