
नई दिल्ली, 16 फ़रवरी (हि.स.)। सूचना एवं प्रसारण और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई इम्पैक्ट समिट से पहले डीपफेक्स, गलत एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसारण पर कहा कि यह प्रवृत्ति समाज की नींव पर हमला है। समाज की नींव संस्थाओं के बीच विश्वास है। परिवार, सामाजिक पहचान और शासन जैसी संस्थाएं सदियों से समाज को जोड़कर रखती हैं, लेकिन डीपफेक्स और भ्रामक सूचनाओं का तेजी से फैलना इन संस्थाओं के बीच विश्वास को कमजोर कर रहा है।
वैष्णव ने यहां भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो के उद्घाटन से पहले एक सत्र में कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एआई मॉडल और उनके निर्माता सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी कि नई तकनीक विश्वास को मजबूत करे, न कि उसे तोड़े। इसके लिए तकनीकी एवं कानूनी समाधान जरूरी हैं। अगर नई तकनीक संस्थाओं के बीच विश्वास को कमजोर करती है और विकल्प नहीं देती, तो यह समाज के लिए खतरनाक होगा।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि उन्होंने 20 से अधिक देशों के मंत्रियों से इस विषय पर बातचीत की है। इनमें कुछ सबसे उदारवादी देश भी शामिल हैं और लगभग सभी का मानना है कि अब समय आ गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नए दृष्टिकोण से देखा जाए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ बोलने वाले व्यक्ति पर जिम्मेदारी भी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डीपफेक्स और गलत सूचना का मुकाबला करने के लिए वैश्विक स्तर पर साझा प्रयास जरूरी हैं। तकनीकी समाधान के साथ-साथ कानूनी ढांचे को भी मजबूत करना होगा ताकि समाज की नींव पर हमला करने वाली इन चुनौतियों का सामना किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाली एआई इम्पैक्ट समिट के साथ ही एआई एक्सपो का भी आयोजन हो रहा है। इस समिट में 65 से अधिक देशों की भागीदारी होगी और 600 से अधिक स्टार्टअप्स अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर