नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने वर्ष 2026 से कक्षा 10 में लागू की जा रही दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगा। इसे किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जा सकता।
बोर्ड ने 14 फरवरी को जारी अधिसूचना में कहा कि उसे कुछ अनुरोध प्राप्त हुए थे, जिनमें यह मांग की गई थी कि यदि कोई छात्र किसी कारणवश पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसे सीधे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। इस पर सीबीएसई ने अपनी नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि दूसरी परीक्षा, पहली परीक्षा का विकल्प नहीं है, बल्कि यह प्रदर्शन सुधार और पात्र श्रेणियों के लिए अतिरिक्त अवसर है।
अधिसूचना के अनुसार, सभी विद्यार्थियों के लिए प्रथम बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। जो विद्यार्थी पहली परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे, वे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से अधिकतम तीन विषयों में अपने अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों को ‘एसेंशियल रिपीट’ श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले वर्ष फरवरी माह में आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विद्यार्थियों का परिणाम पहली परीक्षा में ‘कम्पार्टमेंट’ आता है, उन्हें दूसरी परीक्षा में कम्पार्टमेंट श्रेणी के अंतर्गत अवसर प्रदान किया जाएगा। दूसरी परीक्षा में शामिल होने की पात्रता सुधार (इम्प्रूवमेंट) श्रेणी में अधिकतम तीन मुख्य विषयों तक सीमित रहेगी। इसके अलावा प्रथम या तृतीय अवसर कम्पार्टमेंट, कम्पार्टमेंट के साथ सुधार तथा विषय प्रतिस्थापन के बाद उत्तीर्ण विद्यार्थियों को भी निर्धारित नियमों के तहत अवसर दिया जाएगा।
सीबीएसई ने साफ किया है कि कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद किसी अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं होगी और स्टैंड-अलोन विषयों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड ने दोहराया कि यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में उपस्थित नहीं होता है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में प्राप्त किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
बोर्ड के अनुसार दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन में सुधार का अवसर देना है, न कि पहली परीक्षा को वैकल्पिक बनाना। सीबीएसई ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों से अधिसूचना में उल्लिखित प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार