
नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़ला को 'फांसी घर' मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया है। समिति ने इसके लिए 6 मार्च की तिथि निर्धारित की है।
विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत ने सोमवार को बताया कि यह निर्णय विशेषाधिकार समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें चारों व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत लिखित जवाब पर विचार किया गया। इन उत्तरों में उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी है।
राजपूत ने बताया कि केजरीवाल ने अपने लिखित जवाब में 2, 3, 4, 5 या 6 मार्च में से किसी भी दिन पेश होने का समय मांगा है। इसी तरह सिसोदिया, राम निवास गोयल और राखी बिड़ला ने भी कुछ दिनों का समय मांगा है। समिति ने इन अनुरोधों को स्वीकार करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए अंतिम तिथि 6 मार्च तय की है जिससे जांच प्रक्रिया में और देरी न हो।
यह मामला मूल रूप से दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा उठाया गया था। यह 9 अगस्त 2022 को विधानसभा परिसर में उद्घाटन किए गए 'फांसी घर' की प्रमाणिकता से संबंधित है। विशेषाधिकार समिति को उद्घाटन से जुड़ी परिस्थितियों का तथ्यात्मक और प्रक्रियात्मक मूल्यांकन करने और मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था। इन सभी को विशेषाधिकार समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कई मौके दिए गए थे लेकिन वे सभी अवसरों पर समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव