
जैसलमेर, 16 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान के बॉर्डर इलाके में जैसलमेर के पोकरण में 27 फरवरी को वायु सेना 'वायु शक्ति' के जरिये अपनी ताकत दिखाएगी। दो साल में एक बार होने वाले इस युद्धाभ्यास का नाम ‘वायु शक्ति’ रखा गया है। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को है। इस दौरान दुश्मन के ठिकानों का पता लगाने और आर्मी की मदद करते हुए हवाई हमले और बमबारी की प्रैक्टिस की जाएगी।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि इस साल होने वाले अभ्यास में फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। अभ्यास का उद्देश्य वायुसेना की मारक क्षमता, तकनीक और स्वदेशी हथियारों की भूमिका को दिखाना है। यह युद्धाभ्यास केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का प्रयास है कि भारतीय वायुसेना दुश्मन के घर में घुसकर हमला करने और उसे नेस्तनाबूद करने की पूरी क्षमता रखती है। इस अभ्यास में वायु सेना के 277 अत्याधुनिक हथियार देखने को मिलेंगे। इस बार 150 किलो का आरपीए यानी रिमोटली पायलट एयरक्राफ्ट भी पहली बार कमाल दिखाएगा। ये हवा में किसी बाज की तरह कई घंटों तक मंडराता रहता है और टारगेट मिलते ही मिसाइल बनकर उससे टकरा जाता है।
इस अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद का उपयोग किया जाएगा। अभ्यास के दौरान गोलाबारी के लिए वायु सेना के 77 फाइटर जेट्स और 43 हेलीकॉप्टर्स को तैनात किया गया है। इस बार रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट यानी मानवरहित विमानों को पहली बार सार्वजनिक रूप से इतने बड़े स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। भविष्य के युद्धों में ड्रोन और आरपीए की भूमिका अहम होगी। इसलिए, वायु शक्ति में शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम जैसे एडवांस वेपन सिस्टम का जलवा दिखेगा। ये दिन, शाम और रात हर समय मिशन को अंजाम देने में सक्षम हैं।-----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश