
नई दिल्ली, 17 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली स्थित इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) की ओर से 18 फरवरी को पटना (बिहार), राजभवन में स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी चिंतक रामनन्दन मिश्र के जीवन एवं दर्शन पर आधारित “रामनन्दन मिश्र ग्रंथावली” (पांच खंड) का लोकार्पण किया जाएगा।
समारोह में मुख्यातिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार पद्मभूषण राम बहादुर राय करेंगे।
श्री रामचन्द्र प्रधान द्वारा संपादित यह ग्रंथावली रामनन्दन मिश्र (1906–1989) के बहुआयामी व्यक्तित्व का एक प्रामाणिक दस्तावेज है। यह पाँच खंडों में विभाजित है।
इनमें संस्मरण, नई दिशा की खोज में, भक्ति और साधना, गांधीवादी परम्परा: कुछ विचार और श्री कालीपद गुहराय शामिल हैं। यह कृति उनके क्रांतिकारी जीवन, समाजवादी सक्रियता और अंततः उनके आध्यात्मिक रूपांतरण की यात्रा को समग्रता से प्रस्तुत करती है।
आईजीएनसीए के डीन एवं कलानिधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रमेश चन्द्र गौड़ अतिथियों का स्वागत करेंगे और आधार वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। ग्रंथावली के संपादक डॉ. रामचन्द्र प्रधान भी इस अवसर पर पुस्तक की रचना प्रक्रिया और रामनन्दन मिश्र के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालेंगे।
रामनन्दन मिश्र का जीवन सामाजिक क्रांति और आध्यात्मिक शांति की एक अनूठी त्रिवेणी रहा है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और किसान आंदोलनों में उनकी सक्रियता से लेकर उनकी आध्यात्मिक साधना तक का सफर आज के दौर में वैचारिक विमर्श को एक नई दिशा प्रदान करता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी