बेलडांगा हिंसा : आरोपितों को खुद एस्कॉर्ट कर कोलकाता लाना चाहती है एनआईए

युगवार्ता    19-Feb-2026
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कोलकाता, 19 फ़रवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा हिंसा मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अदालत को बताया है कि वह आरोपितों को अपने एस्कॉर्ट में कोलकाता लाना चाहती है। एनआईए का आरोप है कि बेलडांगा मामले में आरोपितों को पेश कराने को लेकर राज्य पुलिस की ओर से अनिच्छा दिखाई जा रही है, जिससे जांच प्रभावित हो रही है।

एनआईए ने अदालत में कहा कि मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है और उसे उच्च न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी है। जांच के हित में आरोपितों को अपनी हिरासत में लेना आवश्यक है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि जिला पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा और इसलिए वह स्वयं केंद्रीय बलों के एस्कॉर्ट में आरोपितों को बहरमपुर अदालत से कोलकाता लाने को तैयार है।

राज्य पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि जिले में कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई जिम्मेदारियों के कारण एस्कॉर्ट के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसी वजह से आरोपितों को तय समय पर अदालत में पेश नहीं किया जा सका।

उल्लेखनीय है कि, गुरुवार को तीसरी बार बेलडांगा मामले के आरोपितों को अदालत में पेश करने का निर्देश था, लेकिन पहले की दो सुनवाइयों की तरह इस बार भी आरोपितों को पेश नहीं किया जा सका। इससे पहले एनआईए ने राज्य पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाया था, जिसके बाद अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि आरोपितों को पेश कराया जाए और एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाए।

एनआईए के वकील श्यामल घोष ने अदालत में दलील दी कि अदालत के निर्देशों की जानकारी पहले ही पुलिस अधीक्षक को दी गई थी और केस रिकॉर्ड भी मांगा गया था, लेकिन जिला पुलिस की ओर से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि सात आरोपितों को हिरासत में लेने के लिए एजेंसी के पास ठोस साक्ष्य हैं और अदालत आदेश दे तो एनआईए स्वयं जेल जाकर आरोपितों को लेकर आएगी।

उल्लेखनीय है कि, बेलडांगा में हिंसा झारखंड में मुर्शिदाबाद के प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत के बाद भड़की थी। बीते 16 जनवरी को शव गांव पहुंचते ही इलाके में तनाव फैल गया था। विरोध-प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया, टायर जलाए गए और सियालदह–लालगोला ट्रेन सेवा बाधित हुई थी। एक महिला पत्रकार पर भी हमले की घटना सामने आई थी।

इस मामले में उच्च न्यायालय ने पहले ही कहा था कि यदि केंद्र सरकार चाहे तो एनआईए से जांच कराई जा सकती है। इसके बाद गृह मंत्रालय ने बेलडांगा हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

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