
चेन्नई, 19 फ़रवरी (हि.स.)। श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के 22 मछुआरों की रिहाई के लिए कदम उठाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री द्वारा लिखे गए पत्र में विदेश मंत्री से आग्रह किया गया है कि वे तत्काल कूटनीतिक कदम उठाकर मछुआरों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराएँ।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम मछली पकड़ने के जेट्टी से समुद्र में गए तमिलनाडु के 18 मछुआरों और उनकी तीन मछली पकड़ने वाली नौकाओं को श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया है। इसी दिन एक अन्य घटना में रामनाथपुरम जिले के मंडपम मछली पकड़ने के बंदरगाह से समुद्र में गए चार मछुआरों को भी श्रीलंकाई नौसेना ने हिरासत में लिया है।
मछुआरा समुदाय का जीवन और आजीविका पूरी तरह समुद्र पर निर्भर है। ऐसे में श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा मछुआरों की बार-बार गिरफ्तारी से उनके परिवारों में भारी चिंता और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई है। वर्तमान स्थिति के अनुसार 104 मछुआरे और 258 नौकाएं श्रीलंका की हिरासत में हैं।
इसके अलावा, फरवरी के पहले सप्ताह में जाफना अदालत द्वारा रिहा किए गए 12 मछुआरों की स्वदेश वापसी में लगातार हो रही देरी से उनके परिवार अनिश्चितता और आर्थिक संकट में फंसे हुए हैं। इसलिए, श्रीलंका की हिरासत से रिहा किए गए सभी मछुआरों की शीघ्र स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने तथा वर्तमान में गिरफ्तार कर वहां हिरासत में रखे गए सभी भारतीय मछुआरों की रिहाई के लिए तत्काल कूटनीतिक कदम उठाने की आवश्यकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV