नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। राजधानी में एआई इम्पैक्ट सम्मेलन स्थल पर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में व्यापक साजिश की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कृष्णा हरि (राष्ट्रीय सचिव, बिहार), कुंदन यादव (प्रदेश सचिव, बिहार), अजय कुमार (प्रदेश उपाध्यक्ष) और नरसिंहा यादव (तेलंगाना) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मामले में गंभीर धाराएं लगाई जा रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान आरोपितों की सुरक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों के साथ लंबी धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान प्रदर्शनी कक्ष के भीतर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
जानकारी के मुताबिक सम्मेलन स्थल के प्रदर्शनी कक्ष संख्या-5 के भीतर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने ‘टी शर्ट उतार कर’ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट लहराईं, जिससे परिसर में हंगामा खड़ा हो गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया गया था और उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कर क्यूआर कोड के माध्यम से सम्मेलन स्थल में प्रवेश किया था और बाद में अंदर जाकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। घटना के दौरान कुछ उपस्थित लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया।
पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित साजिश में अन्य किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस के पास मौजूद वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पहचान कर रही है। अब तक करीब 15 से अधिक वीडियो के जरिए संदिग्धों की शिनाख्त की जा रही है। वहीं, तीन दर्जन से ज्यादा वीडियो फुटेज जांच के दायरे में हैं।
सम्मेलन स्थल के भीतर और बाहर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी-दर-कड़ी पड़ताल की जा सके। जांच अधिकारी पूरे घटनाक्रम का सीक्वेंस तैयार कर रहे हैं-कौन कब अंदर दाखिल हुआ, किसने नारेबाजी शुरू की, किसने कपड़े उतारे और किस दिशा में भागे। पुलिस यह भी देख रही है कि प्रदर्शन के दौरान कौन लोग सक्रिय भूमिका में थे और कौन सहयोगी की भूमिका निभा रहे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी