
नई दिल्ली, 20 फरवरी (हि.स)। केंद्र सरकार ने घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दवा समेत 14 क्षेत्रों को अब तक 28,748 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 1.91 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना ने 14 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत उद्योग भागीदारी को बढ़ावा दिया है। पीएलआई योजना का उद्देश्य भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और स्थानीयकरण को बढ़ावा देना है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत 1.91 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन बजट रखा गया है, जो भारत के विनिर्माण आधार को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल है। 14 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 836 आवेदनों की स्वीकृति के साथ यह योजना उद्योग जगत के मजबूत विश्वास और इसके व्यापक उपयोग को दर्शाती है। पीएलआई योजना को उद्योग जगत शुरुआत से ही लगातार अपना रहा है और विनिर्माण क्षमता में निरंतर विस्तार हो रहा है।
इस योजना के तहत पिछले साल 31 दिसंबर तक 14 क्षेत्रों में 836 आवेदन स्वीकृत हुए, 2.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कुल निवेश हुआ। कुल 20.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री और 8.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कुल निर्यात हुआ। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 14.39 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए और 31 दिसंबर तक 28,748 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। सरकार ने वर्ष 2021 में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के इरादे से 14 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ पीएलआई योजनाओं की घोषणा की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर