


नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से इतर श्रीलंका, लिकटेंस्टीन और स्लोवाक गणराज्य के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग बैठक कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इन बैठकों में उभरती तकनीकों, व्यापार, निवेश और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसनायके से यहां हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने नई और उभरती तकनीक में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की और श्रीलंका के पुनर्निर्माण में भारत के निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। भारत और श्रीलंका प्राकृतिक साझेदार हैं, जिनकी गहरी सभ्यतागत कड़ियां हाल ही में कोलंबो में आयोजित देवनीमोरी अवशेष प्रदर्शनी में भी दिखीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में इस मुलाकात को शानदार बताते हुए दोनों देशों के बीच हुए सहयोग पर चर्चा की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति दिसानायके से मुलाकात शानदार रही। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, कौशल विकास, संस्कृति और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।
रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के लिकटेंस्टीन के उत्तारधिकारी राजकुमार एलोइस फिलिप मारिया से मुलाकात की जानकारी दी। जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और उभरती तकनीकों, खासकर एआई, इनोवेशन और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह सहयोग इंडिया-ईएफटीए टीईपीए समझौते की गति पर आधारित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा कि लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस से मुलाकात में आर्थिक संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा हुई, विशेषकर इंडिया-ईएफटीए समझौते के बाद। उन्होंने इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, स्किलिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाक गणराज्य के राष्ट्रपति पीटर पेल्लेग्रिनी के साथ भी बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक, रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इंडिया-ईयू एफटीए और इंडिया-ईयू जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक एजेंडा 2030 से रिश्तों में नई गति आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य एक्स पोस्ट में लिखा कि स्लोवाकिया के राष्ट्रपति के साथ बैठक बेहद उपयोगी रही और डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप्स, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे विषयों पर चर्चा हुई। हालिया इंडिया-ईयू एफटीए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई अवसर पैदा करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर