
रायचूर, 20 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है और देशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक पुनर्जागरण का वातावरण बना है। उन्होंने यह बात कर्नाटक के रायचूर जिले के लिंगसुगुर तालुका स्थित वीरनागम्मा देवी के नवनिर्मित मंदिर के लोकार्पण और ब्रह्मकलशोत्सव समारोह के दौरान कही।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गहरी सांस्कृतिक जड़ों, ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी हुई है, जिसकी आज पूरी दुनिया सराहना कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी देवता की पूजा करने से अधिक महत्वपूर्ण है जीवन में न्याय, नीति, शांति और धर्म के मार्ग का पालन करना, जो सनातन धर्म का मूल संदेश है। उन्होंने “मानव धर्म” की अवधारणा को अपनाने पर जोर दिया।
सामाजिक समरसता पर बल देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छुआछूत जैसी कुरीतियों का समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने धार्मिक नेताओं और मठाधीशों से समाज को एकजुट करने और भेदभाव समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मंत्री जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए “रामायण सर्किट” आध्यात्मिक यात्रा शुरू की है। इसके तहत अयोध्या, हम्पी, चित्रकूट, नासिक और नागपुर सहित देश के 15 प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
समारोह के दौरान कोल्लूर मूकांबिका मंदिर के प्रधान अर्चक डॉ. के.एन. नरसिंह अडिगा के नेतृत्व में वीरनागम्मा देवी की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा