
नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने देश भर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर नकद भुगतना बंद करने का ऐलान किया है। देश में एक अप्रैल से टोल शुल्क केवल फास्टैग या यूपीआई से ही लिया जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक देशभर में 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था लागू होगी। यह पहल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत तकनीक-आधारित, तेज और निर्बाध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि अभी तक अगर कोई वाहन बिना वैध फास्टैग के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे दोगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं यूपीआई से भुगतान करने वाले उपयोगकर्ताओं से केवल 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। इन प्रावधानों का उद्देश्य नकद लेन-देन को हतोत्साहित करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है।
एनएचएआई के आकलन में पाया गया है कि नकद भुगतान से टोल प्लाज़ा पर भीड़ बढ़ती है, प्रतीक्षा समय लंबा होता है और लेन-देन से जुड़े विवाद भी सामने आते हैं। डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से परिचालन दक्षता बढ़ेगी, यातायात प्रबंधन सुधरेगा और यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।
मंत्रालय ने बताया कि इस कदम से टोल प्लाज़ा पर भीड़ कम होगी, गाड़ियों की आवाजाही तेज होगी और लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग की 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच ने टोल वसूली की व्यवस्था को बदल दिया है। अब अधिकांश वाहन आरएफआईडी-सक्षम फास्टैग से गुजरते हैं, जिससे टोल भुगतान स्वतः हो जाता है। साथ ही यूपीआई भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे यात्रियों को तुरंत और आसान डिजिटल विकल्प मिलता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर