
नई दिल्ली, 21 फरवरी (हि.स)। केंद्र सरकार ने भारत के व्यापार सूचकांकों के आधार वर्ष में बदलाव कर इसे वित्त वर्ष 2012-13 से बदल कर वित्त वर्ष 2022-23 कर दिया है। यह कदम देश की बदलती व्यापार संरचना और वैश्विक रुझानों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने भारत के व्यापार सूचकांकों के आधार वर्ष में बदलाव की घोषणा कर इसे 2012-13 से बदल कर 2022-23 कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि अर्थव्यवस्था में आए ढांचागत बदलावों, व्यापार के बदलते तौर-तरीकों और मौजूदा आर्थिक संकेतकों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि इस बदलाव से व्यापारिक आंकड़ों की प्रासंगिकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, जो नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं के लिए अब अधिक उपयोगी साबित होंगे। ये सूचकांक मंत्रालय के अधीन आने वाले वाणिज्यिक खुफिया एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआई-एंड-एस) द्वारा तैयार एवं प्रकाशित किए जाते हैं। ये सूचकांक देश के बाहरी व्यापार क्षेत्र में कीमतों के उतार-चढ़ाव को समझने, राष्ट्रीय खातों के संकलन और व्यापार की शर्तों के आकलन के लिए महत्वपूर्ण संकेतक माने जाते हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार सूचकांकों का संकलन और प्रकाशन करने वाले डीजीसीआई-एंड-एस ने कहा कि व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष में यह संशोधन अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलावों, वस्तुओं की बदलती संरचना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में परिवर्तनों के अनुरूप आंकड़ों को समायोजित करता है। अद्यतन श्रृंखला में 2022-23 को नया आधार वर्ष माना गया है, जो (2022-23 = 100)। ये कदम व्यापार के बदलते तौर-तरीकों और मौजूदा आर्थिक संकेतकों के साथ और बेहतर तालमेल बिठाने के लिए उठाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर