दवाइयों और मेडिकल उत्पादों के नियमन में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत–ब्राज़ील के बीच बड़ा समझौता

युगवार्ता    21-Feb-2026
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समझौता


नई दिल्ली, 21 फ़रवरी (हि.स.)। औषधि एवं चिकित्सा उत्पादों के नियमन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए शनिवार को भारत और ब्राजील के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और ब्राजील की स्वास्थ्य नियामक एजेंसी (एएनवीआईएसए) के बीच हुआ। हैदराबाद हाउस में ब्राजील की स्वास्थ्य नियामक एजेंसी (एएनवीआईएसए) के निदेशक-अध्यक्ष लिएंड्रो सफाटले और ब्राजील में भारतीय राजदूत दिनेश भाटिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति महामहिम लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।

इस समझौते के तहत दोनों देश दवाइयों, जैविक उत्पादों, सक्रिय औषधीय सामग्री और मेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में जानकारी साझा करेंगे और नियामक प्रक्रियाओं में तालमेल बढ़ाएंगे। इसका उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है।

यह कदम दोनों देशों में सस्ती और सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने में मदद करेगा।

यह समझौता भारत–ब्राज़ील स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समझौते का आदान-प्रदान भारत और ब्राजील की अपनी आबादी के लिए सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्ता-सुनिश्चित दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस समझौते से आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, नियामक सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रोत्साहित करने और किफायती स्वास्थ्य देखभाल समाधानों तक पहुंच को बढ़ावा देने में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

सीडीएससीओ और एनवीआईएसए के बीच यह समझौता ज्ञापन स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक भारत-ब्राजील सहयोग पर आधारित है और द्विपक्षीय जुड़ाव के लिए मौजूदा संस्थागत तंत्रों का पूरक है। यह स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा प्रौद्योगिकियों में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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