
नई दिल्ली, 21 फरवरी (हि.स.)। भारत और ब्राजील ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करते हुए रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज और स्वास्थ्य सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शीघ्र सुधार और आतंकवाद के खिलाफ सख्त वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ब्राजील ने भारतीय वीजा धारकों के लिए व्यापारिक वीजा की सीमा 10 साल तक बढ़ा दी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच शनिवार को हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में यह जानकारी दी गई। वार्ता के दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, जलवायु कार्रवाई, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेताओं ने एक समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए अपने दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार का भी आह्वान किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक उड़ान को मजबूत करने के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारत और ब्राजील अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि पारस्परिक विश्वास और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते के विस्तार से आर्थिक संबंधों को और गति मिलेगी।
बैठक के दौरान स्टील से जुड़े खनिज पदार्थों की आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने, डिजिटल सहयोग के लिए कार्ययोजना तैयार करने, फिल्म एवं मीडिया क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक ज्ञान के आदान-प्रदान पर सहमति बनी। इसके अलावा स्वास्थ्य, एमएसएमई, उद्यमिता, मास कम्युनिकेशन, महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ खनिज, ऊर्जा संक्रमण और औद्योगिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में कुल 10 बिंदुओं पर समझ विकसित की गई। ब्राजील ने भारतीय वीजा धारकों के लिए व्यापारिक वीजा की अवधि 10 वर्ष तक बढ़ाने की घोषणा भी की।
संयुक्त वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रौद्योगिकी और नवाचार को भविष्य की साझेदारी का आधार बताते हुए कहा कि एआई, सुपर कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि प्रौद्योगिकी समावेशी होनी चाहिए और विकास का सेतु बननी चाहिए।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, एथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाई जाएगी। हरित विकास के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता साझा है। महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ से जुड़े समझौतों को उन्होंने सुदृढ़ आपूर्ति शृंखला निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कृषि क्षेत्र में क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर, प्रिसिजन फार्मिंग और बायो फर्टिलाइजर पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में भारत से ब्राजील को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने तथा पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी मानवता के शत्रु हैं तथा इसके खिलाफ एकजुट वैश्विक कार्रवाई आवश्यक है। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार अपरिहार्य है और संवाद तथा कूटनीति ही समाधान का मार्ग है।
वहीं राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि दोनों देश अपनी 20 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी को क्रियान्वयन के नए चरण में ले जा रहे हैं। रक्षा एवं सुरक्षा, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण, डिजिटल परिवर्तन और औद्योगिक साझेदारी जैसे पांच प्राथमिक क्षेत्रों में पहले तय किए गए एजेंडे को अब ठोस रूप दिया जा रहा है। उन्होंने भारत की सूचना प्रौद्योगिकी, एआई, जैव-प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि इससे सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं।
वैश्विक परिदृश्य को चुनौतीपूर्ण बताते हुए राष्ट्रपति लूला ने कहा कि भारत और ब्राजील संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन और जी-20 जैसे मंचों पर महत्वपूर्ण आवाज हैं और अधिक न्यायपूर्ण तथा प्रतिनिधिक वैश्विक व्यवस्था के पक्षधर हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शीघ्र सुधार का समर्थन करते हुए कहा कि ब्राजील और भारत इसके स्वाभाविक दावेदार हैं। जी-4 के माध्यम से सुरक्षा परिषद के विस्तार की वकालत को उन्होंने दोहराया।
राष्ट्रपति लूला ने कश्मीर में हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद का किसी धर्म या राष्ट्रीयता से संबंध नहीं है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के बाहर हस्तक्षेप का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दक्षिण अमेरिका को शांति क्षेत्र बनाए रखने की ब्राजील की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी और वैश्विक दक्षिण की आवाज को और मजबूत बनाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार