एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को शिक्षाविदों ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

युगवार्ता    23-Feb-2026
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ए आई इम्पैक्ट समिट


नई दिल्ली, 23 फ़रवरी (हि.स.)। एआई शिखर सम्मेलन में भारतीय यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को शिक्षाविदों ने बेहद खेदजनक और नासमझी भरा बताया है। उन्होंने कहा कि यह विपक्षी दल की वैध लोकतांत्रिक असहमति और वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा करने की अनिवार्यता के बीच अंतर करने में असमर्थता को दर्शाता है।

देश के 160 शिक्षाविदों के सोमवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि राहुल गांधी से जुड़े विरोध प्रदर्शन ने ऐसे समय में एक दुर्भाग्यपूर्ण धारणा पेश की है, जब वैश्विक निवेशक और प्रौद्योगिकी नेता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उन्नत प्रौद्योगिकियों में दीर्घकालिक भागीदार के रूप में भारत की विश्वसनीयता का आकलन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक सांसद के रूप में यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि रचनात्मक लोकतांत्रिक आलोचना और ऐसे कदमों में अंतर किया जाए, जो अनजाने में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को कमजोर कर सकते हैं।

संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित, आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत, आईआईटी धारवाड़ के निदेशक वेंकप्पय्या आर देसाई, आईआईटी जोधपुर के निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और प्रोफेसर शामिल हैं।

शिक्षाविदों ने कहा, “यह कोई दलगत मंच या घरेलू राजनीतिक प्रचार का अवसर नहीं था, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मंच था, जहां भारत अपनी तकनीकी क्षमताएं, रणनीतिक दृष्टि और राष्ट्रीय संभावनाएं दुनिया के सामने रख रहा था। ऐसे अवसर को राजनीतिक प्रदर्शन में बदलना गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है।”

शिक्षाविदों ने कहा कि ऐसे समय में जब चीन और पाकिस्तान जैसे विरोधी देश सार्वजनिक रूप से समिट के महत्व को कमतर आंकने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में घरेलू राजनीति उन्हीं की कोशिशों को बल देते हुए दिखाई देते नजर आते हैं। शिखर सम्मेलन में 644 एआई तकनीक का प्रदर्शन किया गया, 37 देशों के 326 प्रदर्शकों ने भाग लिया और लगभग पांच लाख आगंतुक शामिल हुए। इसके अलावा 41 वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस आयोजन के दौरान 250 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश प्रतिबद्धताएं सामने आईं, जो भारत की तकनीकी क्षमता में वैश्विक भरोसे को दर्शाती हैं। शिक्षाविदों के अनुसार यह समिट भारत के तकनीकी विकास और वैश्विक स्थिति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी हॉल में अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। वे सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट लेकर घूम रहे थे। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक आईवाईसी के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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