
ग्वालियर, 23 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वायुसेना के रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट को जालसाजों द्वारा ऑनलाइन अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
जालसाजों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया कि उनके डॉक्यूमेंट से देश में एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड किया गया है। आप सोचते हैं कि इतना बड़ा फ्रॉड करने के बाद बचे रहेंगे। कुछ ही समय में हमारी विशेष पुलिस आपको गिरफ्तार करने आ रही है। इतना सुनते ही बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट और उनकी पत्नी डर गईं। उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए निर्दोष होने की बात कही। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन गिरफ्तार 27 दिन में जालसाजों द्वारा उनसे मल्टीपल अकाउंट में ट्रांजेक्शन कर 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित ने ठगी का अहसास होने पर सोमवार को क्राइम ब्रांच पहुंचकर शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, विंडसर हिल्स टाउनशिप निवासी नारायण महादेव (90) एयरफोर्स के मेडिकल डिपार्टमेंट में बतौर रेडियोलॉजिस्ट पद से रिटायर्ड हैं। सोमवार को उन्होंने क्राइम ब्रांच पहुंचकर अधिकारियों को बताया कि 28 जनवरी 2026 को उनके पास एक वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) ऑफिसर बताया था। उन्होंने कहा कि आपके आधार कार्ड, पेन कार्ड से जनरेट सिम से फ्रॉड किया है। आपको गिरफ्तार किया जा रहा है।
बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट व उनकी पत्नी डर गए। उन्होंने कहा कि वह सीनियर सिटीजन हैं और इसलिए हमें गिरफ्तार नहीं किया जाए। जिस पर सीबीआई अधिकारी ने कहा कि इसलिए आपको ऑनलाइन अरेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद सीबीआई अधिकारी ने वीडियो कॉल पर लेकर सारी जानकारी ले ली। फिर उनसे कहा कि उनके पास जो पैसा है वह उनको ट्रांसफर कर दें। यह आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के पास भेजा जाएगा। जांच के बाद जब आप निर्दोष साबित होंगे तो कार्रवाई के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। जालसाजों ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाकर कि सीबीआई उनके साथ है और उनको कुछ नहीं होने देगी। इसके बाद 28 जनवरी से 27 दिन के अंदर अलग-अलग तारीख में 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपये रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से अपने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट ने पांच बार बैंक में जाकर इतनी बड़ी रकम निकाली तो बैंक वालों को शक हुआ, उनसे पूछताछ की गई। इस पर रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट ने पहले तो कुछ नहीं बताया और जरुरत होने पर कैश निकालने की बात कही। जब 27 दिन में इतनी बड़ी रकम निकालकर देने के बाद भी सीबीआई अधिकारी बनकर ठग परेशान कर रहे थे तो बैंक प्रबंधन को यह बात बताई। जिसके बाद उनको बताया गया कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती है। आप फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इसके बाद रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट नारायण महादेव पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत की।
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि एयरफोर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी के साथ ऑनलाइन ठगी हुई है। उनके दस्तावेजों के आधार पर फ्रॉड करने की बात कहकर उन्हें डराया गया और 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए गए। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर