
पटना, 24 फरवरी (हि.स.)। झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस सोमवार देर शाम चतरा जिले में क्रैश हो गई। इस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें बिहार निवासी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता भी शामिल थे।
बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र स्थित मेनका गांव निवासी बजरंगी प्रसाद के पुत्र डॉ. विकास कुमार गुप्ता वर्षों से रांची में रह रहे थे। वे रांची सदर अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। उनकी पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की कचहरी शाखा में कार्यरत हैं। उनका एक आठ वर्ष का पुत्र है।
डॉ. गुप्ता ने चिकित्सा आपातकालीन निकासी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी असामयिक मृत्यु से चिकित्सा जगत में गहरा शोक व्याप्त है। डॉ. विकास की मौत की खबर से उनके पैतृक गांव में भी शोक की लहर है। रांची के चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।
बताया जाता है कि हादसे से एक दिन पहले ही उन्होंने सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया था। ऐसे जीवनरक्षक डॉक्टर का यूं असमय चले जाना सभी को स्तब्ध कर गया है। उनकी पत्नी और छोटे बेटे के लिए यह समय बेहद कठिन है। मरीज की जिंदगी बचाने निकले डॉक्टर की आखिरी उड़ान अब एक दर्दनाक स्मृति बन गई है।
हादसे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। संबंधित एजेंसियों ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान चतरा जिले के एक दुर्गम इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुटे रहे।
मरीजों की जान बचाने के लिए समर्पित एक डॉक्टर की इस तरह अंतिम उड़ान पर विदाई ने सभी को भावुक कर दिया है। उनकी सेवाएं और समर्पण चिकित्सा जगत में लंबे समय तक याद किए जाएंगे।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी