

खड़गपुर, 26 फरवरी (हि. स.)। भारत सरकार के टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी), दूरसंचार विभाग (डीओटी) तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के बीच गत 23 फरवरी 2026 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा गुरुवार शाम दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन पर टीईसी, डीवोटी के डीडीजी (एफए) कमल कुमार अग्रवाल तथा आईआईटी खड़गपुर के एसोसिएट डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. देबदीप मुखर्जी ने हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती, प्रो. गौतम दास, प्रो. देबरती सेन तथा टीईसी के डीडीजी सौविक कुमार दास उपस्थित रहे।
यह साझेदारी डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और भारत 6जी विजन जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप दूरसंचार अनुसंधान एवं मानकीकरण प्रयासों को आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में उन्नत एंटीना प्रणालियां एवं एमआईएमओ प्रद्योगिकियां शामिल हैं, जिनके अंतर्गत 5जी तथा अगली पीढ़ी के वायरलेस नेटवर्क हेतु संयुक्त अनुसंधान, विकास एवं मानकीकरण प्रयास किए जाएंगे। पैसिव ऑप्टिकल नेटवर्क (पीओएन) प्रौद्योगिकियों के अंतर्गत आर्किटेक्चर के मानकीकरण, परिनियोजन मॉडलों तथा प्रदर्शन मूल्यांकन पर सहयोगात्मक कार्य किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, ईएमएफ निगरानी एवं स्मार्ट एलवोटी समाधानों के क्षेत्र में उन्नत सुरक्षा प्रयोगशाला प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम एलवोटी सेंसर समाधानों सहित ईएमएफ निगरानी ढांचों का विकास एवं मानकीकरण किया जाएगा ।
उल्लेखनीय है कि टीईसी देश की राष्ट्रीय दूरसंचार मानक निर्धारण संस्था है, जो दूरसंचार क्षेत्र में मानकों, विनिर्देशों, परीक्षण प्रक्रियाओं तथा तकनीकी विनियमों का निर्माण करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता