
मदुरै, 01 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को सशक्त बनाते हुए संपर्क सुविधा को मजबूत करता है, अर्थव्यवस्था को गति देता है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले बारह वर्षों में केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास में व्यापक निवेश किया है। वर्ष 2014 के बाद राज्य में 4,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से कृषि एवं समुद्री उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। वर्ष 2009 से 2014 के बीच जहां औसत वार्षिक बजट आवंटन 880 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 7,600 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में 1,300 किलोमीटर से अधिक नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं तथा 97 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्तमान में तमिलनाडु में 9 वंदे भारत और 9 अमृत भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनके कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में निर्मित किए जा रहे हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 77 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें से आठ पुनर्विकसित स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। साथ ही चेन्नई बीच–चेन्नई एग्मोर के बीच चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की गई, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सूचना एवं संचार सुविधाओं का विस्तार लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। तमिलनाडु में बुनियादी ढांचा विकास के लिए केंद्र सरकार का निवेश पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ा है। बेंगलुरु–चेन्नई तथा चेन्नई–हैदराबाद बुलेट ट्रेन गलियारों के प्रस्ताव से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक विरासत गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं पुलिकट झील और पोधिगई मलै क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती दी जाएगी।
इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने कुंभकोणम, यरकौड और वेल्लोर में आकाशवाणी के नए एफएम रिले ट्रांसमीटर राष्ट्र को समर्पित किए। साथ ही मरक्कनम–पुडुचेरी चार लेन सड़क परियोजना (2,100 करोड़ रुपये से अधिक) तथा परमकुडी–रामनाथपुरम चार लेन सड़क परियोजना (1,800 करोड़ रुपये से अधिक) की आधारशिला रखी, जिससे रामेश्वरम और धनुषकोडी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आवागमन और अधिक सुगम होगा।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में तमिलनाडु की भूमिका निर्णायक होगी तथा केंद्र सरकार राज्य के समावेशी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर