जेन जी आंदोलन की जांच रिपोर्ट अगले हफ्ते कैबिनेट में होगी पेश

युगवार्ता    14-Mar-2026
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रिपोर्ट के साथ पीएम सुशीला कार्की


काठमांडू, 14 मार्च (हि.स.)। नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की इस समय उस जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर रही हैं, जिसे 8 और 9 सितंबर 2025 को हुई घटनाओं की जांच के लिए गठित आयोग ने सरकार को सौंपा है। इस रिपोर्ट के अगले हफ्ते की कैबिनेट में पेश करने की तैयारी है।

बालुवाटार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व में बने जांच आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का प्रधानमंत्री विशेषज्ञों की एक टीम के साथ मिलकर अध्ययन कर रही हैं। आयोग के सदस्यों ने 8 मार्च को यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी थी।

रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान हुई बैठक में प्रधानमंत्री कार्की ने आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का वचन भी दिया था। पीएमओ का कहना है कि विशेषज्ञों की टीम ने दस्तावेज का प्रारंभिक अध्ययन शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री कार्की के प्रमुख राजनीतिक सलाहकार अजय भद्र खनाल ने बताया कि प्रारंभिक समीक्षा पूरी होने के बाद रिपोर्ट को अगले हफ्ते की मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश किया जाएगा और उसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मुख्य रिपोर्ट 900 पृष्ठों से अधिक की है और प्रधानमंत्री कार्की रविवार से लगातार इसका अध्ययन कर रही हैं।

खनाल के अनुसार, “यह सरकार उसी आंदोलन के बाद बनी है और प्रधानमंत्री उस आंदोलन से जुड़े मामलों में न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि आवश्यक सरकारी कार्यों के अलावा प्रधानमंत्री का अधिकांश ध्यान इस रिपोर्ट के अध्ययन पर केंद्रित है।

चूंकि प्रधानमंत्री ने अभी तक रिपोर्ट का पूरा अध्ययन नहीं किया है, इसलिए अभी तक मंत्रिपरिषद की बैठक नहीं बुलाई गई है।

कैबिनेट में प्रस्तुत किए जाने के बाद सरकार इस रिपोर्ट को संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को लागू करने के लिए भेजने की योजना बना रही है।

अधिकारियों के अनुसार, आपराधिक जांच से जुड़े मामलों को पुलिस को सौंपा जा सकता है, जबकि भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों को एंटी करप्शन ब्यूरो के पास भेजा जा सकता है।

खनाल का कहना है कि सरकार विभिन्न संस्थाओं को उनकी जिम्मेदारी सौंपने की योजना बना रही है, ताकि भविष्य में नेतृत्व में बदलाव होने की स्थिति में भी रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया जारी रह सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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