नर्मदा परिक्रमा की तैयारियां शुरू, गुजरात सरकार सुविधाओं पर खर्च करेगी 10 कराेड़

युगवार्ता    16-Mar-2026
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नर्मदा परिक्रमा की छवि AI द्वारा बनाई गई है


गांधीनगर, 16 मार्च (हि.स.)। गुजरात सरकार ने नर्मदा परिक्रमा की भव्य तैयारियां

शुरू कर दी हैं। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की विभिन्न सुविधाओं पर खर्च 10 कराेड़

रुपये खर्च करेगी। यह यात्रा इस वर्ष 19 मार्च से 17 अप्रैल 2026 तक चलेगी।

भारतीय संस्कृति में सदियों से साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए नर्मदा परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत अनुभव मानी जाती है। गुजरात में आयोजित होने वाली पवित्र उत्तरवाहिनी पंचकोशी नर्मदा परिक्रमा इसी सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जहां श्रद्धालु मां नर्मदा की आराधना करते हुए आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव प्राप्त करते हैं।

इस वर्ष 19 मार्च से 17 अप्रैल 2026 तक चलने वाली 30 दिवसीय नर्मदा परिक्रमा के लिए गुजरात सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से अस्थायी और स्थायी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

राज्य सूचना विभाग ने अपने बयान में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड परिक्रमा के दौरान आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। अस्थायी व्यवस्थाओं के लिए लगभग 5.41 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत अतिरिक्त डोम शेल्टर, मोबाइल टॉयलेट, पानी की व्यवस्था, मेडिकल यूनिट, 24×7 एम्बुलेंस, लाइटिंग और इमरजेंसी हेल्प प्वाइंट बनाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़े वॉटरप्रूफ डोम शेल्टर में खाट, गद्दे, कुर्सियां और बिस्तरों की व्यवस्था होगी। साथ ही स्नानघर, चेंजिंग रूम और क्लॉक रूम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएंगी। परिक्रमा मार्ग पर सेवा केंद्र और दुकानों की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग अस्थायी शौचालय, मोबाइल टॉयलेट वैन, स्नान सुविधाएं और नियमित पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई के लिए हाउसकीपिंग टीमें कई शिफ्टों में कार्य करेंगी।

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परिक्रमा क्षेत्र में पुलिस बूथ, सुरक्षा केबिन और वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी और इन्फ्रारेड (आईआर) व आरएफआईडी आधारित हेड काउंट सिस्टम के जरिए यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी।

पूरे 18 किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग और घाटों पर एलईडी और फ्लड लाइट लगाई जाएंगी ताकि रात में भी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें। इसके अलावा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, वायरलेस संचार और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था भी रहेगी।

इसके साथ ही यात्राधाम बोर्ड द्वारा स्थायी सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अब तक लगभग 5.07 करोड़ रुपये की लागत से कई स्थायी विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिससे भविष्य में भी परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ आधुनिक सुविधाओं का विकास भी कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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