
नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते और देश में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर युवा कांग्रेस ने सोमवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में देशभर से आए कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन में एआईसीसी महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, सचिन पायलट, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, एआईसीसी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी और राजस्थान विधायक मनीष यादव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सचिन पायलट ने कहा कि भारत ऐसी स्थिति में है जहां हमारे पास 88 फीसदी तेल और गैस हम आयात करते हैं। अगर देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि सिलेंडर की बिक्री हो रही है, एनर्जी की कमी है, तो यह सिर्फ चुनाव का मामला नहीं है। यह बात देश की ऊर्जा सुरक्षा की है। आने वाले चुनाव में इसका असर देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि हमारा यह संघर्ष का विश्व में जो स्टैंड रहा वह हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रहा। पहली बार हमने देखा की भारत की विदेश नीति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को हमने समझौता किया है। इसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन की ताकत से सरकार को अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को रोकना पड़ा। जब तक यह समझौता रद्द नहीं होता, विरोध जारी रहेगा।
सुरजेवाला ने गैस सिलेंडर की कमी, बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में विफल रही है।
उदय भानु चिब ने कहा कि यह आंदोलन देश के किसानों और खेती को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द इस किसान विरोधी ट्रेड डील को रद्द करे और चेतावनी दी कि जब तक यह डील रद्द नहीं होती, कांग्रेस और युवा कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता संसद की ओर बढ़ने लगे तो दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर