
ओस्लो, 19 मार्च (हि.स.)। दुनिया के चर्चित फुटबॉल स्टार एरलिंग हालांड अब शतरंज की दुनिया में भी बड़ा निवेश कर रहे हैं। हालांड ने नॉर्वे चेस में निवेश करते हुए ‘टोटल चेस वर्ल्ड चैंपियनशिप टूर’ की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई है। उनका लक्ष्य शतरंज को अधिक दर्शक-हितैषी और वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाना है।
नॉर्वे चेस लंबे समय से खेल में नवाचार के लिए जाना जाता है, और अब यह नया टूर शतरंज को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश है। हालांड ने नॉर्वे के उद्योगपति मॉर्टन बोर्गे के साथ मिलकर ‘चेस मेट्स’ नामक कंपनी बनाई है, जो नॉर्वे चेस में एक प्रमुख हिस्सेदार होगी।
यह टूर हर साल चार अलग-अलग शहरों में चार टूर्नामेंट के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसमें फास्ट क्लासिक, रैपिड और ब्लिट्ज—तीनों फॉर्मेट को मिलाकर एक संयुक्त विश्व चैंपियन चुना जाएगा। इस पहल को एफआईडीई की मंजूरी भी मिल चुकी है और इसे कम से कम 16 वर्षों तक आयोजित करने की योजना है।
इस नई चैंपियनशिप का पायलट टूर्नामेंट 2026 के शरद ऋतु में आयोजित किया जाएगा, जबकि 2027 से इसका पूरा सीजन शुरू होगा। हर साल चार इवेंट्स के साथ कम से कम 2.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार रखा जाएगा, जो इसे शतरंज के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल कर सकता है।
हालांड ने कहा कि शतरंज एक ऐसा खेल है जो दिमाग को तेज करता है और इसमें फुटबॉल जैसी रणनीतिक सोच की जरूरत होती है। उनके अनुसार, दोनों खेलों में तेजी से निर्णय लेना, आगे की चाल सोचकर खेलना और रणनीति बनाना बेहद जरूरी होता है।
वहीं, मॉर्टन बोर्गे ने भी कहा कि शतरंज दीर्घकालिक सोच और रणनीति का खेल है, जो न केवल खेल बल्कि निवेश की दुनिया में भी अहम भूमिका निभाता है।
नॉर्वे चेस और टोटल चेस के सीईओ केजेल मैडलैंड ने हालांड के जुड़ने का स्वागत करते हुए कहा कि यह टूर वैश्विक शतरंज कैलेंडर के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि हालांड की लोकप्रियता और वैश्विक पहुंच इस खेल को नए दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
हालांड जैसे वैश्विक आइकन के निवेश से यह स्पष्ट है कि शतरंज अब पारंपरिक सीमाओं से निकलकर एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘टोटल चेस वर्ल्ड चैंपियनशिप टूर’ को आधुनिक शतरंज के इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो खेल को और रोमांचक और व्यावसायिक रूप से मजबूत बना सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभात मिश्रा