अमेरिका की ईरान को चेतावनी, कतर पर हमला जारी रहा तो दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र 'साउथ पार्स' को तबाह कर देगा

युगवार्ता    19-Mar-2026
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को डेलावेयर से व्हाइट हाउस पहुंचे। फोटो - इंटरनेट मीडिया


वाशिंगटन, 19 मार्च (हि.स.)। ईरान के कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले पर अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मध्य-पूर्व युद्ध शुरू हुए लगभग तीन सप्ताह हो चुके हैं। इस दौरान ईरान अरब खाड़ी देशों में ऊर्जा से जुड़े अहम बुनियादी ढांचों पर अपने हमले तेज कर रहा है। इससे दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ गई है और वैश्विक तेल की कीमतें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। अमेरिका ने कहा कि अगर ईरान कतरे में हमले जारी रखता है तो उसके 'साउथ पार्स' को तबाह कर दिया जाएगा। साउथ पार्स को ईरान की अर्थव्यवस्था की लाइफ लाइन माना जाता है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन को ईरान के गैस क्षेत्रों पर इजराइल के हमलों से अलग रखने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने कतर पर हमले जारी रखे तो अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र 'साउथ पार्स' को पूरी तरह से तबाह कर देगा। ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान हमले नहीं रोकता तो ईरानी गैस क्षेत्र को उड़ा दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को साउथ पार्स पर हुए इजराइली हमले के बारे में कुछ भी पता नहीं था। हालांकि, दो इजराइली अधिकारियों ने बुधवार को सीएनएन को बताया कि यह हमला अमेरिका के साथ तालमेल बिठाकर किया गया।

बहरहाल ईरान ने कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमला कर पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) निर्यात टर्मिनल है। ईरान ने इस टर्मिनल को निशाना बनाया है। यह हमला 18-19 मार्च की रात किया गया। कतर ने कहा है कि देश की मुख्य गैस सुविधा रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर ईरानी मिसाइल हमलों से काफी नुकसान हुआ है।

एबीसी न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमले के कारण टर्मिनल में आग लग गई। ईरान ने पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से चार को इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन एक मिसाइल टर्मिनल पर गिरी। ईरान ने हमले में ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। कतर एनर्जी ने पुष्टि की है कि हमले के कारण टर्मिनल पर भीषण आग लग गई और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ। रास लफ्फान से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत एलएमजी की आपूर्ति होती है। इस हमले के बाद कतर ने एलएनजी का उत्पादन फिलहाल रोक दिया है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया। ब्रेंट क्रूड की कीमतें सात प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं।

कतर ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। प्रतिक्रिया स्वरूप, कतर ने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इसी दौरान ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के हबशान गैस संयंत्र और सऊदी अरब की रिफाइनरियों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इसके बाद वहां सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे की वजह से अबू धाबी के पास के गैस प्लांट बंद कर दिए गए हैं। मिसाइलों ने हबशान गैस प्लांट और बाब तेल क्षेत्र को निशाना बनाया था; ऑफिस ने बताया कि गैस प्लांट में काम-काज रोक दिया गया है। संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इन प्लांटों को निशाना बनाने वाले ईरानी हमले की कड़ी निंदा करता है। ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं।

उल्लेखनीय है कि साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है। यह फारस की खाड़ी में स्थित है। यह क्षेत्र ईरान और कतर के बीच साझा है। कतर में इसे नॉर्थ फील्ड के नाम से जाना जाता है। इसमें दुनिया के कुल ज्ञात गैस भंडार का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 1,800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट) मौजूद है। इसे ईरानी अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा कहा जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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